
घनसाली (टिहरी)। घुत्तू लघु जल विद्युत परियोजना प्रबंधन के खिलाफ अनशन पर बैठे सुंदर सिंह कंडारी और ग्रामीणों से वार्ता के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम पहुंचे, लेकिन अनशनकारियों ने उन्हें भी बैरंग लौटा दिया। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर तक कंपनी प्रबंधक और डीएम वार्ता को नहीं आए तो उन्हें आत्मदाह को मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। पांच दिन से अनशन पर बैठे ग्रामीण के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आने पर बृहस्पतिवार को अनशन स्थल पर वार्ता करने पहुंचे एसडीएम देवानंद शर्मा से ग्रामीणों ने बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समझौते के अनुरूप कंपनी में रोजगार देने, नदी में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी छोड़ने, सायरन लगाने और पैदल संपर्क मार्गों की मरम्मत कराने की मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कंपनी से किए गए वायदों को पूरा करने और कंपनी प्रबंधक, डीएम को मौके पर बुलाने की मांग दोहराई। अनशनकारी सुंदर सिंह ने कहा कि 22 दिसंबर को एक बजे तक मांगें हल नहीं की गई तो आत्मदाह को करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी कोई सहयोग नहीं दे रहा है, जिससे कंपनी प्रबंधन मनमर्जी कर रहा है। समर्थन में गांव के भरत सिंह, नरेश तिवाड़ी, टीकाराम,सुंदर सिंह, कलम सिंह आदि ने धरना दिया।
प्रभावितों से किए वायदे 10 दिन में पूरे करे जीवीके
ग्रामीणों ने कंपनी के साथ खुली बैठक करने का लिया निर्णय
नई टिहरी। जल विद्युत परियोजना प्रबंधन की ओर से बांध प्रभावितों के साथ किए गए वायदे पूरे नहीं किए जा रहे हैं, जिससे प्रभावितों में रोष है। बुधवार को ग्राम पंचायत मंदोली, धारी, स्वीत, श्रीकोट, उपल्डा, मढ़ी, थापली, नैथाणा, घिल्डीयालगांव और मैंढों आदि गांवोें की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच खुली बैठक कराई जाए, तभी कंपनी अपने वायदे पूरी करेगी।
बैठक में स्थानीय निवासी विनोद चौहान और सुनील चौहान ने बताया कि श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर जीवीके कंपनी ने वर्ष 2006-07 में जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करते समय परियोजना प्रभावित ग्रामीणों को नौकरी देने, बेरोजगारी भत्ता देने, बिजली-पानी की सुविधा, चारा-पत्ती का मुआवजा और घाट निर्माण आदि सुविधाएं देने का वादा किया था। छह साल बाद अब परियोजना का कार्य समाप्त होने पर है, लेकिन अभी तक कंपनी प्रबंधन की ओर से प्रभावितों को कोई सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने इस संबंध में डीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि 10 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
