ग्रामीणों को जगी उजाले की उम्मीद

काईस (कुल्लू)। अंधेरे में जिंदगी गुजार रहे कुल्लू जिले के तीन गांवों के लोगों को अब जल्द राहत मिलती नजर आ रही है। शाक्टी, मरोड़ और शुगार गांव को दूधिया रोशनी से जगमगाने के लिए अब जिला प्रशासन ने कदम उठाना शुरू कर दिया है। उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर इन गांवों के ग्रामीणों को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए मौके पर जाएंगे। ‘अमर उजाला’ ने इस समस्या को आठ दिसंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था। खबर छपने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। अब स्वयं डीसी गांवों का दौरा करने जा रहे हैं। ऐसे में अब अंधेरे में गुजर बसर करते आ रहे ग्रामीणों को उनके गांव में रोशनी फैलने की उम्मीद जाग उठी है। हालांकि, बिजली बोर्ड ने बीते साल इन गांवों को राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली सुविधा उपलब्ध करवाने की कोशिश की थी, लेकिन बिजली सप्लाई ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से गुजरने पर यह काम आगे नहीं बढ़ सका था। ये गांव उसी जिले में हैं, जहां एक दर्जन छोटी-बड़ी विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने के लिए दशकों बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिला प्रशासन के दौरे को लेकर ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। ग्रामीण महेंद्र सिंह, हीरा लाल, शेर सिंह और डोले राम ने कहा कि लंबे समय बाद प्रशासन ने उनकी समस्या हल करने का बीड़ा उठाया है, जो स्वागत योग्य है। डीएफओ नेशनल पार्क गुलाब सिंह चंदेल ने कहा कि उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर वीरवार को गांवों का दौरा करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान वन्यप्राणी विभाग भी मौजूद रहेगा। उन्होंने बताया कि डीसी के निरीक्षण के बाद ही गांवों के विकास को अमलीजामा पहनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांवों को सेंक्चुरी एरिया से बाहर करने की प्रक्रिया पर भी मंथन किया जाएगा।

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