जेपी जोशी प्रकरणः अफसर, मंत्री व विधायक भी लपेटे में

निलम्बित अपर सचिव जेपी जोशी से जुड़े यौन शोषण प्रकरण की कहानी हर रोज कुछ नयापन लेकर आ रही है।

दो मंत्रियों और विधायक के साथ रितु के संबंध
हालांकि यह तफ्तीश का हिस्सा तो नहीं है लेकिन यह बात सामने आ चुकी है कि इस मामले में मुख्य पात्र के रूप में उभरकर आई रितु कंडियाल के संबंध दो मंत्रियों और दो प्रभावशाली विधायक के साथ रहे हैं।

इसके अलावा सचिवालय में भी ऐसे तीन अफसरों की पहचान हुई हैं जिनके साथ पीड़िता के संबंध रहे हैं। लेकिन ये अफसर भी फिलहाल पुलिस तफ्तीश का हिस्सा नहीं है। लेकिन जरूरी हुआ तो भविष्य में इनसे भी पूछताछ हो सकती है।

गढ़वाल क्षेत्र से एक चर्चित मंत्री के पास भी रितु कंडियाल का लगातार आना जाना रहा है। ऐसा ही कुमाऊं मंडल से एक मंत्री के पास भी रितु का खूब आवागमन रहा है। इसके अलावा दो कांग्रेस विधायकों से भी रितु के काफी नजदीकी संबंध रहे हैं।

पुलिस की हिम्मत नहीं हुई
इन मंत्रियों व विधायकों का नाम समय समय पर चर्चाओं में आता भी रहा लेकिन शासन सत्ता केडर से पुलिस जांच टीम की उधर का रुख करने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन लगातार स्थापित रहे संबंधों और अब इस यौन शोषण के घटनाक्रम में मुख्य भूमिका में आने के बाद हिसाब किताब हो रहा है।

उधर, सचिवालय में भी तीन और अफसरों की पहचान हुई है जिनसे रितु कंडियाल व पीड़ित महिला की जान पहचान रही है। लेकिन इन तीनों अफसरों में से किसी का नाम पुलिस केस से नहीं जुड़ रहा है। लेकिन पुलिस सूत्र बताते हैं कि यदि जांच के लिए जरूरत हुई तो पूछताछ हो सकती है।

रितु कंडियाल को नहीं मिली जमानत
यौन शोषण प्रकरण में आरोपी यूथ कांग्रेस की पूर्व महासचिव रितु कंडियाल की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। बुधवार को एसीजेएम प्रीतु शर्मा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रकरण गंभीर प्रकृति का है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।

बुधवार को एसीजेएम प्रीतु शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता संजय कुकरेती ने कहा कि रितु पर 376 सहपठित धारा 109 नहीं बनती।

इस मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। शासकीय अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए मामले को गंभीर प्रकृति का बताया। रितु के अधिवक्ता ने कहा कि जमानत के लिए गुरुवार को जिला सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करेंगे।

आत्मसमर्पण करेगी युवती
निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण में ब्लैकमेलिंग की आरोपी युवती ने बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत में सरेंडर के लिए प्रार्थना पत्र दिया।

वह गुरुवार को अदालत में सरेंडर कर सकती है। बुधवार को भी पूरे दिन सरेंडर की चर्चा बनी रही, लेकिन देर शाम तक वह अदालत नहीं पहुंची।

इस युवती ने जेपी जोशी पर नौकरी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाया है, जबकि जोशी ने युवती समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया है।

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