
ऊना। जिला में मौसम की बेरुखी से कृषि कारोबार पर खतरे में बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। हालत यह है कि बारिश न होने से गेहूं सहित अन्य फलदार पौधे मुरझाने शरू हो गए हैं। इस कारण किसान चिंतित हैं। समय पर वर्षा न होने से किसानों को पैदावार प्रभावित होने से साथ ही पशुओं के लिए चारे की समस्या भी विकराल रूप धारण कर गई है। यदि जल्द बारिश न हुई तो कृषि कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है। बारिश न होने की वजह से सबसे ज्यादा कुटलैहड़ विस क्षेत्र प्रभावित हो रहा है।
हर साल इन दिनों खेतों में हरा घास हो जाता था, लेकिन इस बार खेतों में घास का कोई नामोनिशान नहीं है। किसानों में हंसराज, मनोहर लाल, जया देवी, राकेश कुमार, ज्ञान चंद, जसवंत सिंह, देवराज, किशन, मोहन लाल, रमा देवी, सोमा देवी, रोशनी देवी, लता कुमारी और होशियार सिंह का कहना है कि इस बार बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है। पानी न मिलने से गेहूं सूखनी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि हर साल मौसम की बेरुखी के चलते उन्हें लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। पशु पालकों प्रीतम चंद, राज कुमार, जगतार सिंह, मलुक चंद, कमल का कहना है कि गेहूं के साथ पशुचारा भी लगभग समाप्ति के कगार पर है। उन्होंने कहा कि बारिश न होने से फसलें मुरझाने लगी हैं, यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश न हुई तो गेहूं की फसल पर बुरा असर पड़ेगा। उधर, मौसम विभाग के कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार शर्मा के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक बारिश की संभावनाएं कम ही हैं।
