
ऊना। जिले में हर वारदात के बाद एकाएक अलर्ट होेने वाली पुलिस बाद में ठंडी पड़ रही है। बहडाला इलाके के होटल में हमीरपुर के बड़सर की युवती को बंधक बनाकर दुराचार करने की वारदात को लेकर मामला दर्ज होेते ही होटलियर्स से पुलिस प्रशासन की बैठक हुई थी। बैठक में ऊना, अंब, चिंतपूर्णी समेत विभिन्न इलाकों के दर्जनों होटलियर्स ने हिस्सा लिया था। इस दौरान होटलियरों को निर्देश दिए गए थे कि वे होटलों के मेन गेट पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करें ताकि होटल में आने जाने वाले हर शख्स पर नजर रखी जा सके। रिकार्ड भी करीब दो सप्ताह तक सेव रखने के निर्देश हुए थे। अधिकतर होटल संचालकों ने पुलिस के निर्देशों को दरकिनार कर दिया है। कई होटल संचालकों को यह भी डर है कि वे सीसीटीवी कैमरों की वजह से अवैध तरीके से जोड़ों को कमरे मुहैया करवाने के चक्कर में फंस जाएंगे।
उधर, ऊना जिले में रेव पार्टी में युवती के यौन शोषण के खुलासे के बाद हर कोई हिल गया है। पुलिस के दावों पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं। एफएसएल धर्मशाला में रेव पार्टियों में यौन शोषण के 11 मामले आए हैं। इनमें से एक मामला ऊना का भी है। कांगड़ा जिले के पांच, चंबा से एक, मंडी से दो और शिमला से दो ऐसे मामले आए हैं। उत्तरी क्षेत्र के तहत ही ऐसे मामलों की संख्या सात है। ड्रग आदि का नशा करवाकर ऊना में भी युवती को दुराचार का शिकार बनाया गया। ऐसी पार्टियों और दुराचार के मामलों पर सीसीटीवी कैमरों की वजह से नकेल कसी जा सकती है। बुद्धिजीवी विजय कुमार, संजय शर्मा, विनय कुमार, संदीप पाठक और भूपेंद्र सिंह आदि ने कहा कि पुलिस को चाहिए कि जिन होटलियर्स को सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा है उनकी जांच की जाए।
होटल मालिकों से समय-समय पर बैठकें की जाती हैं। निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं, इसका पता लगाया जाएगा। नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीरेंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना
एसोसिएशन ने भी दी है हिदायत
ऊना से होटलियर्स एसोसिएशन के प्रधान एसएल शुक्ला ने कहा कि सभी होटलियर्स को पुलिस के निर्देशों के बाद एसोसिएशन की ओर से भी हिदायत दी गई है। पुलिस भी अपने स्तर पर होटलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाना सुनिश्चित कराए, ताकि होटलों में आने जाने वालों पर नजर रखी जा सके।
