
शिमला: बड़ी-बड़ी कंपनियों के नाम पर गिफ्ट निकलने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा तरह-तरह के झांसे दिए जा रहे हैं। यही नहीं उपभोक्ताओं को फंसाने के लिए बाकायदा ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे वे झांसे में आकर लूट का शिकार बन रहे हैं। इस ठगी के लिए बाकायदा जालसाजों ने लड़कियों को फोन पर बिठाया हुआ है जिससे जाल में लोगों को फांसा जा सके।
हैदराबाद और बैंगलोर की नामी कंपनी के नाम से फोन कर गिफ्ट निकलने का झांसा दिया जा रहा है। कभी मोतियों का हार, कभी लक्ष्मी यंत्र और कभी कुछ अन्य उपहार का झांसा दिया जा रहा है। इस तरह के फोन अलग-अलग नंबरों से किए जा रहे हैं। विशेष तो यह है कि जालसाजी के इस खेल में मोबाइल फोन उपभोक्ता को बताया जा रहा है कि उनका मोबाइल फोन लक्की ड्रॉ में 30 स्थानों में आया है। इन 30 स्थानों पर आने वाले मोबाइल फोन उपभोक्ताओं को उपहार दिए जा रहे हैं। यह उपहार 3 हजार रुपए से 5 हजार रुपए तक के हैं।
हाईटैक ठगी के खेल में नामी कंपनी के नाम शामिल
हाईटैक ठगी के खेल में जालसाज नामी कंपनियों के नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके लिए मोदी सहित पर्ल ग्रुप का नाम भी लिया जा रहा है। लोग भी झांसें में आ रहे हैं कि इतनी बड़ी कंपनी अपने व्यापार के प्रोत्साहन के लिए आखिर हो सकता है उपहार दे रही हो।
आखिर कैसे हो रही ठगी
ठगी के इस खेल में उपहार के नाम पर नाम पता लिया जा रहा है और मात्र कुछ रुपए के उपहार की एवज में उपहार भेजने के नाम पर 525 से 700 रुपए की मांग की जा रही है। इसमें कहा जा रहा है कि यह खर्चा डाक वालों और समुद्री जहाज से सामान को भेजने और उपहार को बनाने पर आने वाले व्यय का खर्चा है, जबकि उपहार की वास्तविक कीमत 3 हजार से 5 हजार रुपए है। इस तरह के फोन हर तीसरे से चौथे व्यक्ति को आ रहे हैं और जालसाजी में कई मासूम फंस रहे हैं।
मोबाइल फोन और व्यक्ति की खंगाली जा रही पूरी डिटेल
ठगी के लिए बाकायदा मोबाइल फोन और व्यक्ति की डिटेल को खंगाला जा रहा है। इसके लिए अलग से कुछ लोगों को जिम्मा सौंपा गया है। यह कर्मी विभिन्न मोबाइल फोनों को इकट्ठा कर रहे हैं और इसके आधार पर फोन कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
उपहार पहुंचने पर मात्र कीमत मात्र 150 रुपए
एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह का फोन उसे भी आया था। फोन करने वाली लडक़ी ने अपना नाम पूजा बताते हुए कहा कि उसका मोबाइल फोन 30 विजेताओं में 5वें नंवबर पर है और आपको मोतियों का हार और कानों की बालियां भेजी जा रहा हैं। इस मोतियों के हार की बाजार में कीमत 3 हजार रुपए है। इसकी एवज में ट्रांसपोर्ट आदि का खर्च 525 रुपए देना होगा। उक्त व्यक्ति राशि चुकता करने के लिए तैयार हो गया।
आखिर जब कुछ दिनों बाद उपहार आया तो उसने राशि चुकता कर दी आखिर जब उपहार खोला तो उसमें से जो सामान निकला उसकी बाजार में कीमत 100 रुपए से भी कम बताई गई आखिर 100 रुपए से भी कम के सामान की कीमत वह 525 रुपए चुकता कर चुका था। ऐसे में उसे तो 400 से अधिक रुपए की चपत लग चुकी थी लेकिन कुछ को तो हजारों रुपए की चपत लगी है।
विजेता 30 और फोन सैंकड़ों को
ठगी के इस मामले में ये बात भी सामने आई है कि कंपनी दवा तो कर रही है कि केवल 30 मोबाईल फोन उपभोक्ताओं के उपहार निकले हैं। जबकि ठगी करने वाली कंपनी वास्तव में सैंकड़ों लोगों को इसी तरह के फोन कर रही है। हर दूसरे और तीसरे व्यक्ति को झांसा दिया जा रहा है कि वह उपहार विजेताओं की लिस्ट में तीसरे और चौथे नंबर पर है।
शिमला के पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर का कहना है कि मोबाईल फोन पर ठगी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि इस तरह की ठगी की जा रही है। इसके लिए लोगों को सजग रहने की आवश्यकता है। कोई भी कम्पनी मुफ्त में कोई उपहार नहीं देती है। लोग अपनी गलती से ठगी का शिकार बन रहे हैं लोगों को चाहिए कि वह ऐसी किसी भी फोन कॉल पर विश्वास न करें और उपहार के लालच में न फंसे। लालच के कारण ही ठगी का शिकार बन रहे हैं।
