
धर्मशाला। तपोवन में ग्रामीणों को अपने ही घर में बेगानों जैसा बर्ताव झेलना पड़ा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन इनके लिए परेशानी भरा रहा। जोरावर मैदान के पास सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई चेक पोस्ट परेशानी का सबब बन गई। तपोवन रोड पर कनेड, छैंटी और तपोवन आदि गांव पड़ते हैं। सोमवार को गांवों के लोग जब घर जा रहे थे तो चेक पोस्ट पर रोक लिए गए। पहचान पत्र और फोन नंबर मांगा गया। जो ग्रामीण वाहन लेकर अंदर जाने लगे, उन्हें चेकपोस्ट पर रोककर गाड़ी जोरावर मैदान में लगाने को कहा गया। करीब 400 मीटर दूर पैदल कंट्रोल रूम में पास बनवाने को कहा गया। पास बनवाने के लिए पुलिस की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, गाड़ी के दस्तावेज और पहचान दिखाने के साथ फोन नंबर बताने को कहा गया। औपचारिकता में 15 से 20 मिनट लगे। भीड़ बढ़ने पर आधा-पौना घंटा भी लगा। इधर, पैदल जाने वाले ग्रामीण जितनी बार चेक पोस्ट से गुजर रहे थे उनको पहचान बतानी पड़ रही थी।
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खनियारा की पूनम और लक्ष्मी तपोवन में किसी काम से आई थीं। उन्होंने बताया कि उनसे चेक पोस्ट पर पहचान दिखाने को कहा गया। फिर ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। उनसे पूरा पता और फोन नंबर पूछा गया।
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सुबह 11 बजे तक जो गाड़ियां आईं, उनको कहा गया कि परमिशन लेने के लिए एडिशनल एसपी के पास जाना पड़ेगा। ऐसे में कई ग्रामीणों को पैदल ही सफर करना पड़ा। अमूमन लोग एडिशनल एसपी के पास परमिशन लेने के इच्छुक नहीं दिखे।
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तपोवन रोड के व्यापारी निशांत ने बताया कि उन्हें सुबह अपने ही घर में वाहन ले जाने से रोक दिया गया। उनसे कहा गया कि वाहन अंदर ले जाने के लिए धर्मशाला में एडिशनल एसपी से अनुमति लेनी पड़ेगी।
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11 बजे के बाद चेकपोस्ट पर पास बनने लगे लेकिन इसके लिए बहुत लंबी औपचारिकता निभानी पड़ रही थी। पास बनवाने के लिए डीएल नंबर, फोन नंबर, निवास स्थान और गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए।
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ओपी टांक ने बताया कि उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ी। तपोवन रोड पर काम में लगे आईपीएच कर्मचारी राकेश चंद्र, प्यार चंद, कुलदीप चंद, देशराज, रामकुमार, इंद्रजीत ने बताया कि जितनी बार वे अंदर आए, उतनी बार उन्हें पहचान बतानी पड़ी। ग्रामीणों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। धलूं निवासी देसराज ने बताया कि वह अपने बच्चे को ट्यूशन पढ़ाने के लिए बाइक पर जा रहे थे। ट्यूशन सेंटर चेक पोस्ट से थोड़ी दूर था। उन्हें कहा गया कि पहले वाहन का पास बनवाओ तभी अंदर जाने दिया जाएगा।
