
बैंकाकः थाईलैंड की यिंगलक शिनावात्रा सरकार को सत्ता से उखाड फेंकने के लिये जारी देश व्यापी विरोध प्रदर्शनों के संबंध में सेना ने अपना तटस्थ रूख बदलते हुए कहा है कि वह निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करेगी।
सेना ने आज कहा कि वह अगले साल देश में स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिये मदद देने को तैयार है। विपक्षी गुटों के बार बार आग्रह के बावजूद सेना ने आज तक तटस्थता की नीति अपनाई हुई थी। विपक्षी गुटों के नेताओं ने कल सश सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात कर उनसे सुधार कार्यक्रमों का समर्थन करने और चुनावी प्रक्रिया को स्थगित किए जाने के लिए राजी करने का प्रयास किया लेकिन सैन्य नेताओं ने इस मामले में दखल देने से इन्कार कर दिया था।
रक्षा मंत्रालय के स्थायी सचिव जनरल निपात थांगलेक ने सुश्री शिनावात्रा द्वारा आयोजित फोरम में कहा, सेना दो फरवरी को होने वाले चुनाव को निष्पक्ष रूप से संपन्न होते देखना चाहती है। अगर सेना को ऐसा संकेत मिलेगा कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होगा तो सेना इसे निष्पक्ष और स्वच्छ बनाने के लिए राजी है। हालांकि इस बार सेना ने अब अपना पक्ष स्थिर रखा है लेकिन इससे पहले तक वह देश में राजनीतिक संकट आने पर उसमें दखल देती रही है। इसके अलावा उसने सरकारों को पलटने का भी काम किया है।
प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा ने संसद भंग करके दो फरवरी को चुनाव कराने की घोषणा की है ताकि विरोध प्रदर्शन समाप्त हो सके लेकिन प्रदर्शनो का नेतृत्व करने के लिए संसद से इस्तीफा दे चुके सुथेप थाउगसुबन इसे अस्वीकार कर चुके हैं। इसके बाद ही विपक्षी गुटों से सेना से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।
