ग्रामीण क्षेत्र में पानी न देने के निर्देश

ग्रामीण क्षेत्र में पानी न देने के निर्देश
सोलन। जिले में पानी की अनियमित सप्लाई से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों लोग जूझ रहे हैं। पेयजल किल्लत की समस्या का कहीं भी हल होता नहीं दिख रहा है। वहीं आईपीएच विभाग अधिकांश आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों को दरकिनार करके पहले शहर में पानी की प्राथमिकता से सप्लाई करने के तुगलकी फरमान जारी कर दिए हैं। आलम यह है कि टैंकरों से पानी सप्लाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी रामकृष्ण, हरिमोहन, बिमला देवी, सूरत राम, विकास मल्होत्रा, सुरेश कश्यप, संजय कुमार, कुसुम शर्मा, विवेक चंद, महेंद्र सिंह, विनोद, सुनीता, शिवानी, लक्ष्मी देवी, मोनिका और शिल्पा आदि के अनुसार उनके गांव में दो सप्ताह से पेयजल आपूर्ति नहीं की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांव में दो सप्ताह से पेयजल आपूर्ति ठप है। रबौण, धर्मपुर, कुमारहट्टी, परवाणू, जाबली, बड़ोग, बोहली, भोजनगर, कथेड़, नगाली और जोहड़जी समेत दर्जनों गांवों में पानी की सप्लाई बुरी तरह से चरमरा चुकी है। यदि जल्द ही सप्लाई सुचारु नहीं की गई तो वह आईपीएच विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे।

कहां जा रहा अश्वनी खड्ड का पानी?
शहर के लिए विभाग ने अश्विनी खड्ड और गिरि योजना बनाई है। शहर को दो पेयजल योजनाएं फीड कर रही हैं। महज अश्विनी खड्ड से ही 30 लाख लीटर पानी पहुंच रहा है। इसके अतिरिक्त गिरी योजना से जितना पानी लिफ्ट किया जा रहा है वह भी शहर के लोगों के लिए ही दिया जा रहा है। आखिर पानी कहां जा रहा है? इसका जवाब न नगर परिषद के पास है और न ही आईपीएच के पास।

शनिवार को दिया 09 लाख गैलन पानी
आईपीएच विभाग ने शनिवार को सोलन शहर के लिए करीब 09 लाख गैलन पानी दिया है। हालांकि शहर के लिए 15 लाख गैलन की आवश्यकता होती है। शनिवार को शहर के डिग्री कॉलेज, ब्रुरी, सन्नी साइड और क्लीन क्षेत्रों में पानी की थोड़ी बहुत सप्लाई दी गई। इसकी पुष्टि नगर परिषद के एसडीओ एनएल वर्मा ने की।

नप के स्टोरेज टैंकों की पाइपों में लीकेज
शनिवार को नगर परिषद के टैंक रोड स्थित स्टोरेज टैंकों के लिए पानी की सप्लाई में लगी पाइपों में भारी लीकेज देखी गई। एक तरफ जहां लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं नगर परिषद के स्टोरेज टैंकों में ही पानी की बर्बादी का नजारा सरेआम है।

शहर की आपूर्ति सुधरेगी तभी गांवों में देंगे पानी : ईएनसी
इस बारे में आईपीएच के प्रमुख अभियंता आरके शर्मा के अनुसार संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक पेयजल किल्लत लो वोल्टेज से है। लिहाजा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी नहीं देने के लिए कहा गया है, जब तक शहर में आपूर्ति सही नहीं हो जाती है। पेयजल समस्या को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की जा रही है।

….तो फिर फट गई पाइप : एसई
बिजली बोर्ड के एसई पंकज ढढवाल का कहना है कि रात शुक्रवार रात 12:35 बजे फिर से गिरी पाइपलाइन फट गई है। महज एक मोटर ही कार्य कर रही है। कॉमनहैड में काफी लीकेज की सूचना है। वोल्टेज बिल्कुल सही है, लेकिन आईपीएच विभाग का सिस्टम दुरुस्त नहीं है। लिहाजा शनिवार को भी कम पानी लिफ्ट हुआ है।

केस स्टडी
केस 01-सोलन शहर के साथ लगते रबौण के अधिकांश घरों में छह दिनों से पानी की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित है। वहीं कुछ घरों में आईपीएच की काफी मेहरबानी है, वहां बिना रोक टोक के पानी आ रहा है। दीपक, भरत, देव और ज्योति का कहना है कि पानी न आने से परेशानी हो रही है और कुछ चुनिंदा जगहों में पानी की किल्लत ह नहीं है।

केस 02-सोलन के साथ लगते कथेड़ के अधिकांश क्षेत्रों में 09 दिनों से सप्लाई बाधित है। यह क्षेत्र नगर परिषद के दायरे में नहीं है। साहिल, देवेंद्र, प्रदीप और गौतम का कहना है कि पानी न आने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

केस 03-भोजनगर के शाया, जोहड़जी क्षेत्र में 16 दिनों से पानी की आपूर्ति न होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीण लोग प्राकृतिक स्रोतों से गुजारा कर रहे हैं। मवेशियों के लिए पानी का बंदोबस्त करना मुश्किल भरा हो गया है।

Related posts