
खराहल (कुल्लू)। सर्दियों में नदी-नालाें का जलस्तर घटने से बिजली उत्पादन में भी कमी आ गई है। इसके चलते घाटी की कई पंचायतों में कम वोल्टेज की समस्या पैदा हो गई है। मनाली विस क्षेत्र के तहत आने वाले देवगढ़ तथा मंडलगढ़ पंचायत के गांव कई सालों से बिजली की कम रोशनी की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं, पंचायत के दुर्गम गांवों में बिजली के पोल भी सड़ने लगे हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति भी बार-बार बाधित रहती है। बिजली बोर्ड ने आज तक इन गले-सडे़ खंभों को बदलने की जहमत नहीं उठाई है। इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार बोर्ड को अवगत करवाया, मगर कोई कार्यवाही नहीं की गई। पंचायत के परवी, ढुंकरी, सलिंगचा, खडियार, प्राशाढ़, फाईन और कोखली गांव के लोग बिजली की कम वोल्टेज से परेशान हैं। देवगढ़ पंचायत के पूर्व बीडीसी सदस्य अरुण ठाकुर ने बताया कि इलाके के कई दुर्गम गांवों में तो बिजली के पोल सड़ चुके हैं और बिजली बोर्ड इन पोलों को बदलने की जहमत नहीं उठा रहा है। ग्रामीण अमर चंद, पूर्ण चंद, वीर चंद तथा चमन लाल ने कहा कि बिजली बोर्ड को इसके बारे में कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन बोर्ड ने इस पर कभी भी गंभीरता नहीं दिखाई। मंडलगढ़ के उपप्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि पंचायत के सैकड़ों परिवार कम वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। बिजली बोर्ड को इस संबंध में पंचायत की ओर से दोबारा प्रस्ताव पारित कर भेजा जाएगा। उधर, बिजली बोर्ड कुल्लू के अधीक्षण अभियंता प्रवेश ठाकुर ने कहा कि जाड़े के दिनों बिजली उत्पादन घट रहा है। मनाली विस क्षेत्र में इस तरह की समस्या ज्यादा है। बोर्ड लोगों को बेहतर बिजली देने में हमेशा तत्पर है। पंचायतों में कम बिजली की समस्या को चैक करने के आदेश फील्ड स्टाफ को दिए जाएंगे और समस्या को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
