निष्क्रिय हुईं पंचायतों में बनी कमेटियां

बिलासपुर। प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर गठित की गई विलेज हेल्थ एंड सेनीटेशन कमेटियां निष्क्रिय साबित हो रही हैं। सरकार की ओर से इन कमेटियों को मिलने वाला 10 हजार रुपये का बजट बिना कमेटी की बैठक के ही खर्च किया जा रहा है।
सरकार द्वारा विलेज हेल्थ एंड सेनीटेशन कमेटियों का गठन पंचायत स्तर पर किया गया है। जो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में तहत कार्य करती हैं। सरकार की ओर इन कमेटियों को मिलने वाला बजट इन कमेटियों के तहत खर्च नहीं किया जा रहा है। कमेटियों की बैठक, प्रस्ताव पारित किए बिना ही यह बजट खर्च किया जा रहा है। बीडीओ सीधे प्रधानों को ही बजट दे रहे हैं। सरकार के निर्देशानुसार कमेटियों की बैठक में जिन मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किया जाएगा। तभी बजट खर्च किया जाएगा। बजट सीधा प्रधानों के पास पहुंचने के बाद इन कमेटियों की भूमिका ही खत्म होती जा रही है। पंचायतों में पेयजल सप्लाई के रख रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमेटियां लोगों को स्वच्छ जल, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाती हैं। लेकिन अभी तक अधिकतर पंचायतों में यह कमेटियां जमीनी स्तर पर कार्य नहीं कर रही हैं। उधर, सरकार के समक्ष भी यह मामला पहुंच गया है। जल्द ही इस बारे उचित कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमएल कौशल ने कहा कि पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। लेकिन बिना कमेटियों की बैठक के ही इन कमेटियों को मिलने वाला बजट खर्चा जा रहा है। सरकार के ध्यान में मामला पहुंच चुका है। जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे।

क्यों गठित की गई हैं कमेटियां
बिलासपुर। पंचायत स्तर पर विलेज हेल्थ एंड सेनीटेशन कमेटियां आपातकाल में दवाइयां वितरित करना, पेयजल स्रोतों में क्लोरीन डालना, पेयजल स्रोतों की साफ सफाई का ध्यान रखना, संपूर्ण स्वच्छ जल के प्रति लोगों को जागरूक करने सहित अन्य कार्य करती हैं। वर्तमान में यह कमेटियां निष्क्रिय हैं।

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