मजदूरों को नहीं मिली खून-पसीने की कमाई

उदयपुर (कुल्लू)। लाहौल घाटी के आईपीएच महकमे ने अभी तक प्रवासी मजदूरों को वेतन का भुगतान नहीं किया है। इन मजदूरों ने पिछली गर्मियों के दौरान आईपीएच के अधीन मजदूरी की थी। भुगतान की आस पर मजदूर कई दिन तक अपने बच्चों के साथ कड़ाके की ठंड में टेंटों में सर्द रातें काटते रहे। कई महीनों तक वेतन नहीं मिलने से उन्हें मजबूरन स्थानीय लोगों से पैसा उधार लेकर घाटी से बाहर निकलना पड़ा। हालांकि, ठेकेदारों के भुगतान में आईपीएच महकमा पैसे देने में कोई देरी नहीं करता है। जाड़े का मौसम देख विभाग ने इन मजदूरों को 25 अक्तूबर को काम से छुट्टी दे दी थी, लेकिन उन्हें उनकी खून पसीने की कमाई का वेतन आज तक नहीं मिल पाया है। मजदूर छेरिंग, पासंग, दोरजे, कर्मा तथा टशी ने बताया कि स्थानीय लोगों से पैसा उधार लेकर उन्हें घाटी से बाहर निकलना पड़ा। उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग दो-तीन दिन के भीतर उनकी मजदूरी का पैसा नहीं देता है तो उन्हें मजबूरन लेबर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उदयपुर में तैनात आईपीएच के एसडीओ मुनीष ने बताया कि वह फाइल को देखने के बाद ही बता पाएंगे कि कितने मजदूरों का भुगतान लटका है। वहीं, केलांग के एसडीओ हरि प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि मजदूर अपनी पेमेंट लेने के लिए कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। उधर, डीसी लाहौल-स्पीति वीर सिंह ठाकुर ने कहा कि उनके पास फिलहाल आईपीएच की एलओसी पेंडिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि वह आईपीएच विभाग से इसके बारे में जवाब तलब कर मजदूरों के रुके भुगतान करने का आदेश करेंगे।

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