
हमीरपुर। निगम के तय किए ढाबों में यात्रियों से लूट जारी है। निगम के चयनित ढाबों में खाने के दाम निगम प्रबंधन तय करता है लेकिन ढाबा संचालक मनमानी करते हैं। इससे यात्रियों में रोष है।
यात्रियों में विजेंद्र कुमार, अनिल, मोहित कुमार, किरण बाला, सन्नी कुमार, लक्की और विवेक कुमार आदि का कहना है कि हमीरपुर से दिल्ली रूट पर चलने वाली साधारण बस जिन ढाबों पर रुकती है उनमें खाने के मनमाने दाम वसूल किए जा रहे हैं। माह दाल की प्लेट 80 रुपये, गोभी आलू सब्जी की प्लेट 60 रुपये में परोसी जा रही है। इसके अलावा प्रति चपाती के पांच रुपये अलग से वसूले जा रहे हैं। चावल प्लेट के 25 से 35 रुपये अलग से वसूले जा रहे हैं। यहां तक कि जो सवारियां छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए एक बोतल दूध गर्म करवा रही हैं उनसे मात्र दूध गर्म करने के ही 15 रुपये वसूले जा रहे हैं। यात्रियों के बिल मांगने के बावजूद उन्हें बिल नहीं दिया जाता है। स्पष्ट है ढाबा संचालक यात्रियों को चूना लगा रहे हैं। यहां तक कि कई बार यात्रियों की ढाबा संचालकों से झड़प भी हो जाती है। इसके बावजूद निगम प्रबंधन मौन बना हुआ है।
शिकायत आई तो ढाबे होंगे ब्लैक लिस्ट : आरएम
आरएम हमीरपुर प्रदीप कुमार का कहना है कि अभी तक ढाबा संचालकों द्वारा मनमाने दाम वसूलने की कोई शिकायत नहीं पहुंची है। अगर कोई ऐसी शिकायत उनके पास आती है तो संबंधित ढाबों को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम के चयनित ढाबों में निगम प्रबंधन ही खाने के दाम निर्धारित करता है।
फुल प्लेट मांगने पर ही मिलता है खाना
उक्त ढाबों में फुल प्लेट का आर्डर करने पर ही खाना मिलता है। हॉफ प्लेट मांगने पर यात्रियों को खाना देने से साफ इंकार कर दिया जाता है। विरोध करने पर ढाबा संचालक आंखें दिखाने पर उतारू हो जाते हैं।
न शौचालय, न सफाई की व्यवस्था
अधिकतर ढाबों में न तो शौचालयों की व्यवस्था है और न ही ढाबों में सफाई व्यवस्था है। अगर ढाबों के पास शौचालय हैं तो इनकी हालत खस्ता है। शौचालय न होने पर यात्री खुले में ही शौच कर रहे हैं। इससे संपूर्ण स्वच्छता अभियान को बट्टा लग रहा है
