
सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट की आवासीय कॉलोनी में क्वार्टरों की खस्ता हालत से कर्मचारी परेशान हैं। सालों पहले बने इन क्वार्टरों की विभाग ने आज तक रिपेयर करवाने की सुध तक नहीं ली। उपमंडल मुख्यालय सरकाघाट में वर्ष 1957 में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी तैयार की थी। इसमें तीन चिकित्सकों और 16 पैरा मेडिकल स्टाफ के रहने के लिए क्वार्टर बने हैं। विभाग की ओर से कॉलोनी का निर्माण इस मकसद से किया था कि आपातकाल सेवा में चिकित्सकों और कर्मचारियों के अस्पताल परिसर के निकट रहने से मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लेकिन कॉलोनी निर्माण के बाद आज तक न तो सरकार और न ही विभाग ने इस कॉलोनी को आधुनिक रूप दिया।
आवासीय कॉलोनी में बने क्वार्टरों की हालत ऐसी है कि बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने लगता है। साथ ही खिड़की और दरवाजों की लकड़ी में दीमक लगी है। छत पर लगे टीन में जंक के चलते जगह-जगह छेद पड़ चुके हैं। कई क्वार्टरों की दीवारों में शीलन हैं। शौचालयों और रसोई घर से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए बनाई गई नालियां अवरुद्ध पड़ी हैं। विद्युत वायरिंग उखड़ने से शार्ट सर्किट का खतरा रहता है।
छत पर लगाना पड़ता है तिरपाल
स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी संघ सरकाघाट इकाई के प्रधान ज्ञान चंद वर्मा ने कहा कि आवासीय कॉलोनी की रिपेयर का मामला कई बार विभाग और सरकार के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में छत टपकने से घर के अंदर बाल्टी रखनी पड़ती है। साथ ही छत पर तिरपाल लगाना पड़ता है।
कॉलोनियों की हालत होगी दुरुस्त
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा. कुलतार सिंह डोगरा ने बताया कि विभाग चरणबद्ध ढंग से आवासीय कॉलोनियों का निर्माण करवा रहा है। सरकाघाट में भी शीघ्र ही निर्माण किया जाएगा।
