
काशीपुर। फैक्ट्रियों के प्रदूषित पानी से नदी, नालों और ट्यूबवेलों का पानी प्रदूषित हो रहा है। इससे खेत में खड़ी फसलें खराब हो रही हैं। वहीं इसे पीने से पशु बीमार हो रहे हैं। इस पानी के संपर्क में आने से लोगों को चर्म रोग हो रहा है। किसानों की शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की टीम ने शिकायतकर्ताओं के साथ बहला नदी तथा ट्यूबवेलों से निकलते पीले पानी का नमूना लिया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतनाम सिंह चीमा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह से बीते दिन शिकायत कर कहा था कि कई पेपर मिलों और रुद्रपुर मार्ग पर स्थित एक केमिकल फैक्ट्री का प्रदूषित पानी बहला नदी और कुंडेश्वरी माइनर में मिल रहा है। चीमा की शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह ने टीम और किसानों के साथ रुद्रपुर मार्ग पर बहला नदी पुल के पास तथा रसायन फैक्ट्री के पास कुंडेश्वरी नहर के पानी का नमूना लिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एसपी सिंह ने कहा कि बहला नदी में दो पेपर मिलों का और कुंडेश्वरी नहर में एक रसायन फैक्ट्री का पानी मिल रहा है। नदी और नहर के पानी का नमूना लिया गया है। पानी के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। फेल होने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी एसपी सिंह के साथ अवर अभियंता नरेश गोसाई, किसान यूनियन के बलजिंदर सिंह संधू, लक्खा सिंह, रविंद्र सिंह राणा, राजविंदर सिंह, अशोक गुप्ता, संत सिंह आदि शामिल थे।
