
हमीरपुर। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के एक शाखा प्रबंधक पर जांच की आंच आ सकती है। बैंक की एक शाखा में नाबार्ड तथा बैंक के नियमों के खिलाफ ऋण देने के मामले का खुलासा हुआ है। प्रबंधक के कार्यकाल के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड पर लगभग पंद्रह गुना ऋण स्वीकृत कर जारी कर दिया गया। उससे भी हैरत यह कि ऋण लेने वाले व्यक्ति ने ऋण चुकता ही नहीं किया। प्रारंभिक रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि हो रही है। संभावना है कि जल्द ही जांच शुरू हो सकती है। दोषी पाए जाने पर प्रबंधक पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला वर्ष 2008 का बताया जा रहा है। कर्जदार के गारंटर ने ही मामले का खुलासा कर प्रबंधन से शिकायत की। इसके बाद अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर शिकायत को सही पाया। इसे टिप्पणियों के साथ उच्चाधिकारियों को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि कांगड़ा बैंक की एक शाखा ने किसान क्रेडिट कार्डधारक को डेढ़ लाख रुपये का ऋण जारी कर दिया। कार्डधारक के पास केवल सात-आठ मरले भूमि उपलब्ध थी। वर्तमान दर प्रति कनाल आठ हजार रुपये निर्धारित थी। स्पष्ट है कि इसमें नियमों को ताक पर रखा गया। किसान क्रेडिट पर कार्डधारक को भूमि और किस्म के आधार पर मूल्यांकन कर कर्ज दिया जाता है। अब बैंक प्रबंधन भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
बैंक प्रबंधन को शिकायत मिली थी। बैंक का आंतरिक मामला है। जांच की जाएगी।
-मनोहर लाल दत्याल, एजीएम, केसीसीबी हमीरपुर
