
होली (चंबा)। होली पंचायत की विभिन्न महिला मंडलों की महिलाओं ने होली में प्रस्तावित विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य रूकवा दिया है। महिलाओं ने रविवार को की नाला के पास चल रहा पेड़ कटाई कार्य बंद करवाया और पेड़ काट रहे मजदूरों को वहां से खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और ठेकेदार की ओर से काम में लगाए गए मजदूरों के बीच कहासुनी हुई और बात धक्कामुक्की तक पहुंच गई। महिलाओं को एक साथ देखकर मजदूर वहां से भाग निकले। बताया जा रहा है कि महिलाओं ने मजदूरों के औजार अपने कब्जे में ले लिए हैं। महिलाओं ने काम रूकवा कर विरोध-प्रदर्शन भी किया। बताते चलें कि होली में प्रस्तावित होली बजोली बिजली प्रोजेक्ट की पावर हाउस साइट पर कंपनी ने पेड़ कटाई का कार्य दो दिन पूर्व शुरू किया था। कंपनी ने ठेकेदार को पेड़ काटने का जिम्मा सौंपा था। ठेकेदार के मजदूर दो दिनों से जोरशोर से पावर हाउस साइट में पेड़ की कटाई के कार्य में लगे हुए थे। महिला मंडलों को इसी भनक लगते ही रविवार को महिला मंडलों की करीब 60 महिलाएं की नाला के पास पहुंच गईं और कार्य कर रहे मजदूरों को वहां से भगाया। ब्रह्ममरी देवी, सांतो देवी, समेरो देवी, कुशला देवी, सुमा देवी, भुजली, पानो देवी का कहना है कि वे वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत लड़ाई लड़ रही हैं और वे अपने वनों की रक्षा के लिए जंग जारी रखेंगी और किसी भी कीमत पर वनों को काटने नहीं दिया जाएगा। महिलाओं ने बताया कि कंपनी ने क्षेत्र में पहले से ही सैकड़ों पेड़ काट दिए हैं। इससे पर्यावरण पर विपरीत असर पड़ रहा है और लोगों को लकड़ी और चारा लाने के लिए दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वे चारा व लकड़ी लाने के लिए दूसरी पंचायत में जाते हैं, तो उन पंचायतों के लोग उन्हें वहां से भगा देते हैं और गाली गलौच करते हैं। महिलाओं ने दो टूक कहा कि अपनी पंचायत क्षेत्र में पेड़ों को हरगिज नहीं काटने देंगे। बीना देवी, संकुतला, सपना कुमारी, श्रेष्ठा, कमला, रीना देवी, रचना, पवना देवी ने आरोप लगाया कि जब वे अपने हक को लेकर कंपनी के मजदूरों को भगाते हैं, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। जब कंपनी के लोग स्थानीय महिलाओं के साथ बदतमीजी करते हैं, तो पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। उधर, पुलिस ने इस मामले में महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
