
हमीरपुर। सीटू ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। मंगलवार को विभिन्न मांगों और सरकार की नीतियों की खिलाफत करते हुए शहर में विरोध रैली निकाली। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। धरना प्रदर्शन में एसएफआई, नौजवान सभा और महिला समिति कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू राज्य महासचिव डा. कश्मीर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के चलते जनता को डिपुओं में सस्ता राशन नहीं मिल रहा है। राशन के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कभी चीनी तो कभी तेल का कोटा नहीं मिल रहा है। हालात यह हैं कि डिपुओं में नमक तक की सप्लाई नहीं हो रही है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का भी निजीकरण कर रही है। प्रदेशभर के अस्पतालों में टेस्ट आउटसोर्स पर दिए जा रहे है। इससे टेस्ट महंगे हो जाएंगे और आम व्यक्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डाक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के करीब 4600 पद रिक्त पड़े हुए हैं। आम जनता को उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। ठाकुर ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते महंगाई दिनप्रतिदिन आसमान छू रही है। बाजार से राशन खरीदना आम व्यक्ति के वश में नहीं है। दैनिक प्रयोग की चीजों में आग लगी हुई है। बस किरायों में बढ़ोतरी से आम जनता को सरकार से झकझोर कर रख दिया है। चेतावनी दी है कि जल्द ही मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में सीटू जिलाध्यक्ष जोगेंद्र कुमार, सचिव प्रताप राणा, नौजवान सभा के अध्यक्ष अनिल मनकोटिया, जसवीर कुमार, सत्या गलोड़ा, संदला, निर्मला देवी, उर्मिल देवी, रश्मी कुमारी, शीला देवी, विजयलक्ष्मी, सरिता आदि मौजूद रहीं।
ये हैं मुख्य मांगें
. डिपुओं में पूरा राशन मुहैया करवाया जाए।
.अस्पतालों में रिक्त चल रहे चिकित्सकों सहित कर्मचारियों के 4600 पदों को भरा जाए।
.सरकारी अस्पतालों में टेस्ट सुविधा का निजीकरण न हो।
.जिलाभर में सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सरकारी बसें चलाई जाएं।
.बस किराया बढ़ोतरी को वापस लिया जाए।
.महंगाई पर प्रदेश सरकार तुरंत नियंत्रण लगाए।
