दर्जनों कामगारों को रोजी-रोटी के लाले

ऊना। गोंदपुर बुल्ला में एक पेपर मिल के मालिकों एवं प्रबंधन द्वारा अचानक उद्योग में उत्पादन बंद करने से दर्जनों कामगारों को रोजी-रोटी के लाले पड़ गए हैं। कई माह का वेतन भी कामगारों को नहीं मिला है। उद्योग में उत्पादन बंद होने तथा मालिकों के यहां से चले जाने के कारण कई वर्षों से पेपर मिल में काम करने वाले कामगार सड़क पर आ गए हैं। मिल के मालिकों और प्रबंधन द्वारा अचानक लिए गए इस निर्णय को लेकर कामगारों में रोष है।
कामगारों ने वीरवार को जिला श्रम अधिकारी ऊना के कार्यालय में पहुंचकर पेपर मिल के मालिकों व प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने और उनका वेतन दिलवाने की मांग की है। गुस्साए कामगारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके बकाया वेतन व भत्ते जल्दी न दिलवाए गए तो उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। मिल के मालिकों व प्रबंधन द्वारा 28 नवंबर को रात के अंधेरे में उद्योग से कथित तौर पर चोरी छिपे ट्रकों में सामान भरकर ले जाने की खबर मिलते ही कामगारों और लेनदारों में हड़कंप मच गया था। प्रबंधन पर कामगारों, ठेकेदारों व उद्योग को सामान सप्लाई करने वाले व्यवसायियों सहित उद्योग से जुडे़ अनेक अन्य लोगों की देनदारियां हैं। इसके बाद मिल मालिकों द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि ने 5 दिसंबर को जिला प्रशासन के समक्ष कामगारों के सभी बकाया वेतन व भत्ते अदा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन मिल मालिकों के किसी भी प्रतिनिधि द्वारा जिला प्रशासन के समक्ष वीरवार को उपस्थित न होने से कामगारों में भारी रोष है ।

ये लोग आए थे ऊना
पेपर मिल में कार्यरत श्रमिकों में होशियार सिंह, नरेंद्र कुमार, देवेन्द्र सिंह, साहिल, रतन, यशपाल, जरनैल सिंह, राजेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, चंद्रेश, विनोद कुमार, कुलभूषण, नरेश, जोगेन्द्र सिंह, अजय कुमार, अनिल राय, श्याम धर, अखिलेश पांडे सहित दर्जनों श्रमिकों ने बताया कि उन्हें बीते दो माह से वेतन भी नहीं मिला है। फैक्टरी मालिकों द्वारा श्रमिकाें को बिना नोटिस दिए निकाला जा रहा है तथा आश्वासन दिया जा रहा है कि उत्पादन शुरू होते ही वापस बुला लिया जाएगा। यह भी पता चला है कि फैक्टरी मालिकों पर श्रमिकों की पगार के अलावा फैक्टरी में काम कर चुके व काम कर रहे कई ठेकेदारों, ट्रक यूनियन के भाडे़ सहित कई अन्य लोगाें की देनदारी खड़ी है। इन कामगारों ने कहा कि वीरवार को उद्योग प्रबंधन की ओर से कोई भी श्रम अधिकारी के कार्यालय में नहीं पहुंचा।

उचित कदम उठाए जाएंगे
श्रम निरीक्षक सोहन लाल ने बताया कि श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए विभाग द्वारा उचित कदम उठाए जा रहे हैं। मिल मालिकों व प्रबंधन को जिला श्रम कार्यालय में बुलाकर दोनों पक्षों के बीच वार्ता के उपरांत श्रमिकों के हितों की रक्षा को सुनिश्चित बनाया जाएगा।

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