स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर बिफरे किसान, मजदूर

कुल्लू। हिमाचल किसान सभा की जिला कमेटी ने मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के बाहर धरना प्रदर्शन किया । धरने में किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण, डाक्टरों की कमी और डिपुओं में राशन के बढ़ाए गए दामों के विरोध में भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सभा ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भी भेजा। सभा के महासचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण से भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों को महंगा इलाज करवाने पर विवश होना पड़ रहा है। इसके अलावा अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पड़े पदों से मरीज अपना इलाज निजी अस्पतालों में करवाने को मजबूर हैं। सीटू के जिला अध्यक्ष भूप सिंह भंडारी ने कहा कि सरकार गरीब लोगों को डिपुओं में नियमित राशन देने में विफल रही है। सरकार ने बीपीएल और एपीएल परिवारों को बांट दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दिया जाए। महासचिव राजेश ठाकुर ने कहर कि पिछली सरकार ने अस्पतालों में रोगी कल्याण समितियों का गठन कर स्वास्थ्य सेवाओें का निजीकरण कर इलाज को महंगा किया है। इस दौरान किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष अनिल कुमार, एसएफआई के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र कोटिया, सचिव शेर सिंह, सीटू के जिला सदस्य देश राज आदि ने भी अपने विचार रखे। जिला मुख्यालय के अलावा बंजार घाटी के सैंज और आनी में भी प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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