
खराहल (कुल्लू)। खराहल घाटी के नेऊली और पूईद पंचायत के दर्जनों गांवों को सिंचाई के लिए पानी मुहैया करने वाली नेऊली-थरमाण उठाऊ सिंचाई योजना फिर ठप हो गई है। सिंचाई योजना का पंप खराब होने से यह समस्या पेश आई है। ऐसे में किसानों को एक सप्ताह से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। परिणामस्वरूप घाटी की 98.4 हेक्टेयर भूमि सिंचित नहीं हो रही है। इसके चलते किसान काफी चिंतित हो गए हैं।
जिले में बारिश के लिए किसान देवी-देवताओं की शरण में फरियाद कर रहे हैं। ऊपर से सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य की योजना भी हांफने लगी है। ऐसे में किसानों की नगदी और परंपरागत फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं, बेमौसमी साग-सब्जियां भी बिना पानी कुमलाने लगी हैं। जिले में कृषि योग्य भूमि 65186 हेक्टेयर है, लेकिन महज 2878 हेक्टेयर भूमि सिंचाई के अधीन है। अधिकतर सिंचाई योजनाओं का अनदेखी के चलते बुरा हाल है। खराहल घाटी की नेऊली-थरमाण उठाऊ सिंचाई योजना भी अनदेखी के चलते कई जगहों पर पाइपें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। योजना का निर्माण 1989-90 हुआ था। 24 साल के लंबे समय से इस योजना का पंप लगातार कार्य कर रहा है, लेकिन अब पंप अधिक पुराना होने के कारण इसमें समय-समय पर तकनीकी खराबी आ रही है। कृषि विभाग विकास संघ के उपप्रधान जय चंद ठाकुर, सचिव अमित ठाकुर, किसान दुनी चंद, केहर सिंह, देवराज, दुनी चंद कटोच, यशपाल राणा, कर्मचंद, निशु महंत, मोहर सिंह, योगराज, स्थानीय पंचायत नेऊली की प्रधान सेवती देवी, उपप्रधान विशाल महंत, बीडीसी सदस्य सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान निर्मला ठाकुर ने आईपीएच महकमे से पुराने पंप को बदलकर नया पंप लगाने की मांग की है। इस संबंध में आईपीएच के अधिशाषी अभियंता उपेंद्र वैद्य ने कहा कि पंप को दुरुस्त करने के लिए मंडी भेज दिया गया है। एक-दो दिन में मरम्मत की प्रक्रिया पूरा होगी। इसके बाद किसानों के लिए पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
