
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका क्षेत्र की चूना पत्थर खानों पर तालाबंदी के चलते शुक्रवार को खान सुरक्षा निदेशालय गाजियाबाद की दूसरी टीम भी निरीक्षण किए बिना ही वापस लौट गई। टीम ने संगड़ाह क्षेत्र में स्थित तीन चूना पत्थर खानों का निरीक्षण करना था। लेकिन खानों के बंद पड़े कारोबार के चलते टीम को उल्टे पांव ही लौटना पड़ा।
क्षेत्र के खनन अभियंता डीके सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार को संगड़ाह क्षेत्र की संगड़ाह लाइम स्टोन माइन, हिमालय लाइम स्टोन माइन और दुर्गा लाइम स्टोन माइन का निरीक्षण होना था। लेकिन इन तीनों ही खानों में बंद पड़े कारोबार के चलते नियमों के अनुसार निरीक्षण संभव नहीं हो सका। निदेशालय की इस टीम में काजी इम्तिहाज, बलवंत काढे जम्मू कश्मीर से तथा इंजीनियर वीपी शर्मा बिलासपुर से शामिल थे। उन्होंने निरीक्षण की केवल औपचारिकताओं को ही पूरा किया।
टीम प्रभारी काजी इम्तिहाज ने बताया कि जम्मू कश्मीर से बेहतर और सुरक्षित उपायों से इस क्षेत्र में खनिज दोहन किया जा सकता है। इस क्षेत्र में खनिज की अपार संभावनाओं के साथ-साथ उचित भंडारण भी मौजूद हैं। लेकिन खानों को बंद करके खनिज संपदा के दोहन को रोका गया है। जबकि हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त अन्य किसी भी राज्यों में खानों पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार को अपने कठोर नियमों के साथ-साथ खानों को संचालित करके खनिज के बेहतर सदुपयोग की स्वीकृति दे देनी चाहिए। इससे खनिज संपदा का बेहतर तरीके से दोहन व इस्तेमाल हो सके
