हाईकोर्ट पहुंचे जेबीटी टेट मेरिट के अभ्यर्थी

शिमला। जेबीटी टेट में मेरिट हासिल करने वाले अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में आवेदन किया है कि प्रदेश सरकार की ओर से जेबीटी टेट में मेरिट प्राप्त उम्मीदवारों को नियुक्ति देना सही है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश वीके शर्मा की खंडपीठ ने उन्हें इस मुद्दे पर पहले से लंबित याचिका में प्रतिवादी बना दिया तथा याचिका का जवाब दो सप्ताह में दायर करने के आदेश दिए।
ज्ञात रहे कि जेबीटी टेट में मेरिट न ले पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर जेबीटी भर्तियों पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। उनके अनुसार टेट की परीक्षा केवल अनिवार्यता को निर्धारित करती है, न कि किसी प्रतियोगिता परीक्षा में आई सफलता को। मेरिट में आए उम्मीदवारों के अनुसार जब टेट की परीक्षा हो रही थी, तो सभी जेबीटी प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों को यह मालूम था कि टेट की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में मेरिट के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान है। अब ये प्रार्थी यह नहीं कह सकते कि मेरिट के आधार पर जेबीटी की नौकरियां न दी जाएं। इस केस में नए प्रतिवादियों का कहना है कि भर्ती नियम ठीक हैं और इन्हीं के अनुसार भर्ती होनी चाहिए। अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि जेबीटी भर्तियां याचिका के अंतिम निपटारे पर निर्भर करेंगी।

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