लाडा में सरकार का हस्तक्षेप सहन नहीं

बनीखेत (चंबा)। सांसद डा. राजन सुशांत ने कहा कि विभागों के अधिकारी केंद्र सरकार की योजनाओं का जनहित में उचित क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि एनएचपीसी लाडा के तहत जनहित के कार्य नहीं कर रही है। एनएचपीसी दावा कर रही है कि लाडा के तहत जिला चंबा में अब तक छह करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि प्रदेश सरकार कह रही है कि बजट स्वीकृति के लिए गया है। शुक्रवार को बनीखेत में पत्रकार वार्ता में सांसद डा. राजन सुशांत ने कहा जल विद्युत परियोजनाएं लाडा की राशि खर्च करने में पहले उन वार्ड के विकास को प्राथमिकता दें, जिस वार्ड में परियोजना बन रही है या संचालित हैं। उसके बाद पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर पर क्रमश: प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर प्रभावितों को विश्वास में लिए बगैर लाडा का धन सीधे प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप से खर्च हो रहा है तो यह बर्दाश्त नहीं होगा और वह चंबा वासियों की आवाज उठाने के लिए उच्च न्यायालय की मदद लेंगे। उन्होंने कहा कि जिला चंबा में करीब एक लाख जॉब कार्ड हैं, लेकिन मनरेगा के तहत करीब 47 हजार लोगों को ही रोजगार मिल पाया है जो चिंता का विषय है। मनरेगा में सबसे अच्छा काम सलूणी खंड में हुआ है, जिसमें चालू वित्तीय वर्ष में करीब 11 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने कहा कि तीसा खंड में छह करोड़ और भटियात खंड में मनरेगा में निराशाजनक कार्य हुए हैं। देखने में आया है कि जिला चंबा में मनरेगा का सेल्फ अकसर देरी से तैयार होता है। विकास खंड अधिकारी जल्द सेल्फ तैयार करें, ताकि फरवरी माह से पहले मस्ट्रोल जारी किए जाएं। सुशांत ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी नियम के मुताबिक काम करें, विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

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