
संतोषगढ़ (ऊना)। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से शिक्षा निदेशालय को दिए गए आदेशों के बावजूद स्कूलाे में अभी तक चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को सूचना पट्टों पर दर्शाने की व्यवस्था नहीं की गई है। राज्य में कई विभागीय कार्यालयों में सूचना पट्टों पर यह नंबर दर्शाया गया लेकिन विद्या मंदिर इस योजना को लागू करने में पिछड़ गए। जानकारों का मानना है कि सबसे पहले यह नंबर तो स्कूलों में ही दर्शाया जाना चाहिए।
जानकारों का यह भी मानना है कि आखिर शिक्षा विभाग इस नंबर को सूचना पट्टों पर दर्शाने में हिचकिचा क्यों रहा है? बुद्धिजीवियों रविंद्र शर्मा, आरपी शर्मा, शाम लाल, पूर्ण चंद, तरसेम लाल शर्मा आदि ने कहा कि स्कूलों में शिकायत पेटियां स्थापित करने से भी विभाग और स्कूल प्रशासन को पीछे नहीं हटना चाहिए। शिक्षा निदेशालय से उपनिदेशकों को जारी पत्र संख्या शिक्षा-एचई (21)ए(3)31-2013-वी में स्पष्ट लिखा है कि कुछ स्कूलों का दौरा करने के उपरांत पाया गया है कि स्कूलों में न तो चाइल्ड लाइन टेलीफोन नंबर 1098 अंकित है और न ही शिकायत पेटियां हैं। शिक्षा निदेशालय के सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र के माध्यम से निर्देश जारी हुए हैं। उपनिदेशक कार्यालयों से स्कूलों के प्राध्यापकों और मुखियाओं को निर्देश जारी किए हैं। फिर भी अनुपालना में देरी हो रही है। उप शिक्षा निदेशक आरसी टबयाल उच्चतर ने कहा कि निदेशालय के आदेशों को कड़ाई से स्कूलों में लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
क्या है चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर बच्चे स्कूलों, घरों में प्रताड़ना, मारपीट अन्य दुर्व्यवहार की शिकायत बिना किसी भय के कर सकते हैं। बाल मजदूरी, गुमशुदा बच्चों, शोषित बच्चों, घर से भागे हुए बच्चों, वे बच्चे जिन्हें इलाज की जरूरत है, के बारे में भी इस नंबर पर सूचना दी जा सकती है।
अध्यापकों को भी मिले अधिकार
प्रदेश के सीएंडवी शिक्षक संघ के संरक्षक एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शिव कुमार धीमान तथा पीटीएफ के जिला प्रवक्ता महेश शारदा ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाना सराहनीय प्रयास है। इन अधिकारों का दुरुपयोग न हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
