सोलर लाइट लगाने पर विवाद

भोरंज (हमीरपुर)। पंचायत समिति भोरंज में सोलर लाइटें लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत समिति के एक सदस्य ने लाइटें लगाने का कार्य निजी फर्म को देने पर सवाल खड़ा कर दिया है तथा गड़बड़ी की आशंका जताई है।
पंचायत समिति सदस्य जोगिंद्र सिंह ने कहा कि पंस की बैठक में 13वें वित्त आयोग से प्राप्त 25 लाख रुपये की राशि से सोलर लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया था। निजी संस्थानों से लाइट लगवाने का निर्णय हुआ था। डाक से कोटेशन मंगवाए जाने का फैसला लिया गया था। जोगिंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के तहत समाचार पत्र में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया तथा आश्चर्यजनक ढंग से केवल तीन दिन की अवधि में टेंडर खोल भी दिए गए। प्रक्रिया के तहत प्रचार नहीं किया गया तो दूसरे जिलों के संस्थानों को टेंडर के संबंध में जानकारी कैसे मिली। उनकी कोटेशन कब और कैसे पहुंच गई, सवाल गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी भोरंज सुदर्शन सुमन का कहना है कि पंचायत समिति की बैठक में निजी संस्थान को सोलर लाइट लगाने का काम देने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए कमेटी का गठन किया गया था। विकास खंड कार्यालय ने हिम ऊर्जा विभाग से एनओसी के लिए आवेदन किया है, एनओसी आने तक लाइटें लगाने को लेकर आगामी कार्रवाई नहीं होगी।
पंचायत समिति अध्यक्ष सत्या धीमान का कहना है कि सोलर लाइट के लिए समाचार पत्र के माध्यम से निविदा आमंत्रित नहीं की गई थी। कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाई गई थी, टेंडर हासिल करने वाले संस्थानों को परिचितों से टेंडर की सूचना मिली थी। प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई है।
पंचायत समिति उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल का कहना है कि कमेटी तथा संबंधित पार्टियों के समक्ष टेंडर खोले गए थे। पूरी पारदर्शिता बरती गई है, आरोप निराधार हैं।

Related posts