ऐसे कैसे कम होगा मरीजों का मर्ज

काईस (कुल्लू) घर-द्वार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे महज औपचारिकताओं तक ही सिमटकर रह गए हैं। गोपालपुर पंचायत की हजारों की आबादी बंजार क्षेत्र के पीएचसी थाटीबीड़ पर ही निर्भर है। लेकिन, यह हेल्थ सेंटर महज लैब तकनीशियन और हेल्थ वर्कर के सहारे है। छह माह पहले चिकित्सक का तबादला होने के बाद यह पद भी अभी तक खाली पड़ा है। लैब तकनीशियन और महिला स्वास्थ्य कर्मी ही मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों की दवाई दे रहे हैं। ग्रामीण सोनी लाल, जयराम, दिनेश, हेमंत, रघुवीर सिंह, गौतम, अमर सिंह और राजीव शर्मा ने बताया कि पीएचसी थाटीबीड़ में डाक्टरों की कमी के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। थाटीबीड़ और गोपालपुर पंचायत की आबादी करीब पांच हजार है। ग्रामीणों को अपना इलाज करवाने के लिए करीब बीस किलोमीटर दूर सीएचसी बंजार जाना पड़ता है। बीएमओ बंजार डॉ. राजेश बौद्ध ने बताया कि पीएचसी थाटीबीड़ में डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है

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