पीठ पर पहुंचाने पड़ते हैं मरीज

कुल्लू। सैंज और बंजार घाटी के कई ग्रामीण इलाकों में अब तक सड़क नहीं पहुंची है। इन गांवों में सूबे में आने-जाने वाली सरकारों के दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। सैंज और बंजार क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण सड़क की आस में हैं। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द उन्हें सड़क सुविधा से जोड़ा जाए।
जिला कुल्लू के बंजार और सैंज के दर्जनों गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। सैंज क्षेत्र के तहत आने वाली गाड़ापारली पंचायत के मझाण, मेहल, बनाऊगी, बढ़ेहटा, बागीशाड़ी, शांघण पंचायत के लपाह, शांघण, सुचैहण पंचायत के सुचैहण, उपरनही, सराहण, देहुरीधार पंचायत के मणेशी, नेरी, रिआड़ा, करहला और बंजार के तहत आने वाली श्रीकोट पंचायत, शिल्ही, नोहांडा और तुंग पंचायत के कई गांव अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। जानकारी के मुताबिक बागीशाड़ी गांव पक्की सड़क न्यूली से करीब बारह किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ों के बीच बसा है। लोगों को बीमार होने पर घोड़े, चारपाई और पीठ पर उठाकर न्यूली तक पहुंचना पड़ता है। इसके अलावा क्षेत्र के लोग अपना उत्पाद भी इसी तरह पक्की सड़क तक पहुंचाने को विवश हैं। वर्कर यूनियन एचसीसी मीडिया प्रभारी महेंद्र पालसरा, गिरधारी लाल, मीरावाई, अजू, विजय, हीरा लाल, शिव चंद, फागुनू तथा नील चंद ने कहा कि कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष समस्या को उठाया। कहा कि सूबे में आने-जाने वाली सरकार के चुने हुए नुमाइंदे चुनाव बेला के दौरान कई बार वोट मांगने इन क्षेत्रों में पहुंचे और लोगों को झूठे सब्जबाग देकर निकलते बने। उन्होंने बताया कि लोगों को वर्तमान विधायक व सरकार से सड़क सुविधा मुहैया करवाने की आस है। उधर, लोनिवि बंजार के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि शिल्ही, नोहांडा और तुंग पंचायतों के गांवों में लोगों से गिफ्टिड प्रक्रिया चली हुई और जल्द डीपीआर बनाकर भेज दी जाएगी।

Related posts