वेतनमान कम करने का फैसला वापस ले बोर्ड

रोहड़ू। हिमाचल बिजली बोर्ड इंपलाइज यूनियन ने बैठक में मांग उठाई कि संशोधित वेतनमान में कटौती करने के निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए। कहा कि बोर्ड को नुकसान कर्मचारियों से नहीं कुप्रबंधन और फिजूल खर्ची से हो रहा है।
यूनियन के महासचिव हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड को सही स्थिति में लाने के लिए प्रबंधन जिम्मेवार है। आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड प्रबंधन दिशाहीन चल रही है। आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए समय पर राजस्व की उगाही की जरूरत है। कुप्रबंधन के कारण आज हर महीने 70 करोड़ राजस्व की उगाही नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन बोर्ड की स्थिति को सुधारने के लिए कर्मचारियों के वेतनमान को कम करने में जुटा हुआ है। बोर्ड में लिपिक के 30 पद समाप्त करना दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री बिजली बोर्ड में खाली पड़े हजारों पदों को भरने की घोषणा कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रबंधन पदों को समाप्त करने की घोषणा कर रहा है। इसके कारण प्रबंधन बोर्ड को चलाने के लिए विफल नजर आ रहा है। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के सम्मेलन में मुख्य तौर पर प्रदेश उप प्रधान रणधीर चौहान, सह सचिव प्रशांत शर्मा, सलाहकार दीप राज शर्मा, संगठन सचिव एनडी शर्मा, प्रांतीय सचिव करतार भ्रांटा, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य ईश्वर बांष्टू, संजय शर्मा, प्रथम देव शर्मा, सतीश कुमार सहित आदि उपस्थित थे।

Related posts