शिमला गेयटी थियेटर में “मनोहर भाई को सलाम” नाट्य का आयोजन

शिमला (वीरेंद्र खागटा ) शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में दिनांक 14 नवम्बर, 2013 को विख्यात फ़िल्म व् थियेटर अभिनेता स्व्0 मनोहर सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर संकल्प संस्था पर एक विशेष नाट्य संध्या “मनोहर भाई को सलाम” का आयोजन दोपहर 3 बजे से सायं 5 बजे तक कर रही है1 इस कार्यक्रम में जहां एक ओर स्व0 मनोहर सिंह के भारतीय रंगमंच में उनके योगदान और जीवन के कुछ संस्मरणों को याद किया जाएगा तो दूसरी ओर ऐसे युवाओं कि नाट्य प्रस्तुतियों का मचन होगा जो गेयटी थियेटर में पहली बार मंच पर आ रहे है1 संस्था ने यह प्रयास किया है कि मंच कि नई पीढ़ी को गेयटी थियेटर का मंच एवं समस्त तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि वे थियेटर को पूरी तरह समझने में सक्षम हों1 हालांकि तीनो ही नाटक हिमाचल प्रदेश विश्वविधायलय के युवा महोत्स्व ग्रुप-4 में मंचित हो चुके हैं किन्तु यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस राज्य ने देश को स्व. मनोहर सिंह जैसे बड़े अभिनेता दिए जिन्हे पूरा राष्ट्र सलाम करता है, उसी राज्य के नए युवा अभिनेताओं को ऑडिटोरियम होते हुए भी कृत्रिम मंचो और पंडालों में ही अपने हुनर की धार परखने का अवसर मिल पता है 1
हिमाचल प्रदेश विश्वविधालय एवं भाषा संस्कृति विभाग मिलकर युवा महोत्सव का आयोजन करें तो स्व. मनोहर सिंह के वंशजों को बेहतर सुविधाएं एवं गेयटी थियेटर का सार्थक मंच प्रतिवर्ष लगभग 700 युवा कलाकारों को मिल सकेगा। यदि हैम प्रदेश में रंगमंच को सचमुच सार्थक बनाना चाहते है तो विधार्थियों को बेहतर मंच प्रदान करना अवश्यम्भावी है।
संस्था ने इसी उद्देश्य से इन तीन नाटकों को आमंत्रित किया है ताकि वे “युवा महोत्स्व ” का एक उदाहरण पेश कर सके। हम हिमाचल प्रदेश विश्वविधायालय व् भाषा संस्कृति विभाग से इस कार्यक्रम के माध्यम से यह अपील करना चाहते है कि थियेटर के युवा महोत्सवों को केवल सार्थक मंचों पर ही आयोजित किया जाए ताकि युवा अभिनेताओं का मनोबल बढे। मनोबल बढ़ेगा थो थियेटर अपने आप बढ़ेगा।
गौरतलब है कि प्रस्तुत किए जाने वाले तीन नाटकों में सर्वप्रथम कोटशेरा कॉलेज़ के युवा अभिनेता नाटक “बजा दो एक नई धुन ” का मंचन करेंगे। इस नाटक की लेखिका- सुश्री मीनू जीवन है तथा इसका निर्देशन मुनीष शर्मा ने किया है। नाटक जर्मन कहानी पर आधारित है। दूसरा “एवरीमेन ” “मोरेलिटी प्ले” है जिसका नाट्य रूपांतरण व् निर्देशन कुलभूषण शर्मा ने किया है। नाट्य संध्या का अंतिम नाटक “चीख” राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। यह नाटक बलात्कार से पीड़ित युवती के जीवन पर आधारित है। इसका मूल आलेख मध्यप्रदेश की लेखिका -सुश्री उर्मिला शिरीष का है जबकि नाट्यरूपांतरण, परिकल्पना व् निर्देशन केदार ठाकुर का है।
इस नाट्य संध्या के लिए सभी रंगकर्मी ,साहित्यकार ,पत्रकार व् स्व. मनोहर सिंह के पारिवारिक सदस्य, अंतरंग मित्र, विद्यार्थी ,प्राध्यापक, अभिभावक सभी को आमंत्रित किया गया है जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति व् भाषा- संस्कृति विभाग को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

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