
ऊना। विशेष एवं जिला सत्र न्यायाधीश रतन सिंह ठाकुर की अदालत ने मंगलवार को दुराचार के एक मामले में दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आठ वर्षीय बालिका के साथ दुराचार के आरोप में दर्ज मामले में यह फैसला सुनाया गया। दोषी को सात हजार जुर्माना भरने के भी आदेश हुए।
केस की पैरवी करने वाले जिला न्यायवादी (जिला अभियोजक) एनसी घई ने बताया कि दोषी राम सिंह निवासी रक्कड़ को पोस्को एक्ट के तहत 10 साल कठोर कारावास व पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को आईपीसी धारा 506 के तहत एक वर्ष कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह दोनाें सजाएं एक ही साथ चलेंगी व जुर्माना राशि पीड़िता को दी जाएगी। ऊना के एक कस्बे में नेपाली मूल का राम सिंह निवासी रक्कड़ कालोनी एक बच्ची के साथ दो वर्ष से दुष्कर्म कर रहा था। युवक की हरकतों से तंग आकर मासूम बच्ची ने मामले की सूचना एक एनजीओ को दी। एनजीओ ने मामले को पुलिस के समक्ष उठाया। इसमें यह बताया कि आरोपी युवक दो वर्ष से दुराचार कर रहा है और पीड़िता को जान से मारने की धमकी देता है। इसके चलते पुलिस ने एनजीओ की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा केस अदालत में पेश किया गया। अभियोजक पक्ष द्वारा इस केस में 21 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
अदालत ने गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी युवक राम सिंह को दोषी करार देने के बाद उक्त सजा सुनाई। एनसी घई ने बताया कि पांच हजार का जुर्माना न देने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस केस की सुनवाई पांच माह के भीतर ही कर दी गई।
