घरों से पोस्टर हटाने के फैसले को ‘आप’ ने दी चुनौती

आम आदमी पार्टी ने चुनावों के दौरान आम लोगों के घरों से पोस्टर व बैनर हटाने संबंधी निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

अदालत ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस व चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश एन.वी.रामन व न्यायमूर्ति मनमोहन की खंडपीठ ने सभी पक्षों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

याची आप व दो अन्य लोगाें ने अदालत से आग्रह किया है कि पुलिस व एमसीडी को दिल्ी संपत्ति विरूपण अधिनियम (डीपीडीपी) की आड़ में घरों से पोस्टर व बैनर हटाने पर रोक लगाई जाए।

याची के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह सरासर नागरिकों के विचार प्रकट की स्वतंत्रता का हनन है।

अत: चुनाव प्रचार की अवधि में ऐसे फैसले पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा संविधान में हर व्यक्ति को अपने विचार प्रकट करने की स्वतंत्रता है लेकिन पोस्टर इत्यादि हटाने से मौलिक अधिकार को समाप्त किया जा रहा है।

उन्होंने कहा 17 अक्तूबर 2013 को चुनाव आयोग ने उनके मुवक्किल के पत्र के जवाब में कहा है कि उनके समर्थक भी अपने घर पर पोस्टर व बैनर नहीं लगा सकते।

यह डीपीडीपी अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने कहा यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छानुसार पोस्टर या बैनर लगाता है तो इस कानून का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा पुलिस व एमसीडी को अपनी इच्छानुसार घरों पर पोस्टर व बैनर लगाने वालों पर कार्रवाई करने से रोका जाए और लोगों को इसकी इजाजत दी जाए।

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