
ऊना। नगर परिषद के वार्ड नंबर एक में समस्याओं का अंबार है। पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने के चलते बरसात के समय लोग परेशान रहते हैं। कालोनियां पानी में डूब जाती हैं। घरों में पांच-पांच फीट तक पानी घुस जाता है। हर साल लोगों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। हैरत की बात है कि आज तक इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों का दर्द न तो प्रशासन ने सुना और न ही नगर परिषद ने। इस वर्ष भारी बरसात के मौसम ने यहां कहर बरपाया है। पानी निकासी न होने के चलते सड़कें पूरी तरह से टूट गई हैं। नालों का गंदा पानी खेतों में घुस रहा है। लोगों की दीवारें भी साल भर सीलन से भरी रहती हैं। हालत इतनी खराब है कि बरसात बीतने के दो माह बाद तक पानी कालोनी में खड़ा रहता है। स्थानीय लोगों में पानी की निकासी न होने से भारी रोष है। वार्ड नंबर एक के निवासी रविंद्र नाथ पाठक का कहना है कि लोगों को हर बरसात में नुकसान उठाना पड़ता है। मौके पर पहुंचे अधिकारी बरसात के बाद सब ठीक करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं।
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तिलक राज परमार का कहना है कि पानी के कारण खेतों से जहरीले सांपों के अतिरिक्त अन्य कीड़े मकोड़े भी घरों पर घुसे रहते हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा बना रहता है।
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राकेश कुमार लट्ठ का कहना है कि खाली प्लाटों में खड़ा पानी गंदगी फैला रहा है। मक्खियों तथा मच्छरों ने जीना मुहाल कर रखा है।
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प्रोमिला रानी कहती हैं कि बरसातों में तो लोग भौतिक वस्तुओं का नुकसान झेलते हैं, लेकिन उसके बाद उनकी जान पर बीमारियां तलवार लटकाए रखती हैं।
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कमलेश कुमारी का कहना है कि बरसाती पानी के कारण सड़कें टूट गई हैं। लोग परेशान हैं। सुनने वाला कोई नहीं।
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केवल कृष्ण का कहना है कि निकासी का उचित प्रबंध न होने से सारा पानी इसी क्षेत्र में ड्रेन कर दिया गया है। लोग बेहद मुसीबतों से घिरे हुए हैं।
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भावना शर्मा का कहना है कि नगर परिषद सहित जिला प्रशासन को कई बार इस संदर्भ में सूचित किया गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।
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उधर, नगर परिषद अध्यक्ष ममता कश्यप का कहना है कि वार्ड नंबर एक में पानी की निकासी न होने की समस्या प्रशासन के समक्ष उठाई गई है। जल्द ही इस मसले पर लोनिवि और प्रशासन से फिर बातचीत की जाएगी।
