
गगरेट (ऊना)। प्याज के बाद मटर के दाम ने लंबी छलांग लगाई है। हरा मटर 160 रुपये किलो पहुंच गया है। गोभी, शिमला मिर्च, फ्रासबीन के दाम भी आसमान पर हैं। महंगाई ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। रसोई से हरी सब्जियां गायब हो गई हैं। किलो में नहीं पाव में सब्जियों की खरीद की जा रही है।
शादियों का सीजन शुरू होते ही बाजार में सब्जियों के खुदरा दामों में आग लग गई है। श्राद्धों में सब्जियों के दाम कुछ कम थे, लेकिन नवरात्रों के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत से फिर दाम बढ़ गए हैं। गगरेट में हरा मटर 160 रुपये प्रति किलो ग्राम, गोभी 80 रुपये, शिमला मिर्च 100 रुपये, फ्रासबीन 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
बैंगन तीस, प्याज 80 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा है। इधर, कई दुकानदार विवाह शादियों की आड़ में थोक दरों से दोगुने रेट पर माल बेच रहे हैं। करनैल सिंह, प्राणनाथ शर्मा, अतुल कुमार, प्रिंस कुमार, विकास शर्मा, विजय कुमार लखनपाल, शुभेंदु कुमार, विकल्प शर्मा और नीरज पुरी का कहना है कि प्रशासन को मंडी और बाजार के दामों में बढ़ रहे जमीन तथा आसमान के अंतर को कम करने के लिए प्रयास करने चाहिए। मध्यम वर्गीय परिवार पर महंगाई की सबसे ज्यादा मार पड़ रही है।
