कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे, सरकार को कोसा

अल्मोड़ा/चौखुटिया/रानीखेत। फील्ड कर्मचारियों को पदोन्नति का ग्रेड वेतन दिए जाने समेत 23 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर विभिन्न घटक संगठन बुधवार को भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। हड़ताल के चलते कई विकास कार्य ठप हैं।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि फील्ड कर्मचारियों को स्तरोन्नयन के स्थान पर पदोन्नति का ग्रेड वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाया जाएगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष जीवन तिवारी ने अनिवार्य पदोन्नति समेत तीन प्रमुख मांगों पर शासनादेश जारी करने की मांग की। फील्ड कर्मचारियों को सेवाकाल में तीन अनिवार्य पदोन्नति दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक फील्ड कर्मियों को सेवा का लाभ देने का शासनादेश जारी नहीं होता तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखा जाएगा।
इस मौके पर एनएस मेहरा, पंकज कांडपाल, गोपाल राम, लाल सिंह चौहान, अर्जुन सिंह, भगवती प्रसाद जोशी, मनोज वर्मा, प्रवीण पांडे, बहादुर सिंह, प्रकाश जोशी, नंदन लाल, उमेश गैड़ा, उमापति पांडे, वैश अहमद, धरम सिंह राणा, कृपाल सिंह बिष्ट, गिरीश कांडपाल, शंकर तिवारी, रईस अहमद, इंतखाब आलम, उमेश जोशी, बहादुर सिंह जीना, महेश कुमार, माया भंडारी, आनंदी दयाल, विनीता वर्मा, अनीता टम्टा, करुणा टम्टा, दमयंती धर्मशक्तू, धना बिष्ट, तारा आर्या, दीपा जोशी, मीरा जोशी ने विचार रखे। अध्यक्षता कुंदन सत्यपाल ने और संचालन बसंत गोस्वामी ने किया। इधर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह अधिकारी ने आंदोलन को समर्थन किया। चौखुटिया में कर्मचारियों ने ब्लाक मुख्यालय पर धरना दिया। कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। इस मौके पर टीएस बिष्ट, राजेंद्र सिंह रावत, डीसी कांडपाल, हिम्मत गिरी तथा राजदीप पंत आदि ने विचार व्यक्त किए।
उधर रानीखेत में फील्ड कर्मचारियों ने अध्यक्ष ध्रुव चंद्र सिंह रौतेला के नेतृत्व में नगर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। रैली की अध्यक्षता विनोद चंद्र भट्ट ने और संचालन हरीश चंद्र सुयाल ने किया। इस अवसर पर आरएस मनराल, भगवान सिंह बिष्ट, प्रभाकर सिंह, एमसी पपने, राजेश खेतवाल, डीएस नेगी, प्रदीप कुमार, पुष्पलता, जानकी साह, गीता आर्या, उमा नेगी, रंजना रावत, जामवंती राय आदि ने भी विचार रखे।

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