
कांगड़ (ऊना)। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हरोली में मिनी सचिवालय भवन बनवाने का ऐलान किया। साथ ही सीएम ने ऊना में आईपीएच विभाग के फ्लड प्रोटेक्शन डिवीजन एसई का पद सृजित करने की भी घोषणा की। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री की मांग पर मुख्यमंत्री ने इन्हें स्वीकार किया। घोषणाएं होते ही पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊना बस अड्डे का भी कांग्रेस निर्माण कराएगी, जिसका शिलान्यास उन्होंने खुद किया था।
बाद में पूर्व मुख्यमंत्री भी शिलान्यास कर गए। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वे कागज दिखाएं, जिनमें इस बस अड्डे के लिए राशि स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नाम की पट्टिका उखाड़कर धूमल ने अपनी पट्टिका लगवा दी। अंब से मैहतपुर तक जल्द सड़क का कार्य पूरा होगा और इस पर करीब 52 करोड़ रुपये से पुल बनेंगे। हरोली के लोगों निशांत ठाकुर, अमरजीत, नवीन कुमार, हरीश कुमार, राजेंद्र, सुनील, सतीश कुमार, सुरेश कुमार, गुरवचन सिंह, बुजुर्ग प्यारा सिंह, गुलजारा राम, त्रिलोचन ठाकुर, गुरशरण, दिलबाग सिंह, शीतल सिंह, विक्रम सिंह, अनिल कुमार, मनीष कुमार, अजय कुमार, राम स्वरूप, राजेंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, महिला सलोचना देवी, सरला राणी, कृष्णा देवी, निशा कुमारी, बबिता ठाकुर, नीलम, इंदु, सोनिया, वीना, पूनम और राधा समेत अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें विभिन्न विभागों के दफ्तरों को ढूंढने में परेशानी होती थी।
किसी विभाग का दफ्तर मुख्यालय से एक किलोमीटर दूर तो किसी के लिए दो या तीन किलोमीटर दूर पड़ता था। इस तरह सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने में पूरा दिन बीत जाता था। अब मिनी सचिवालय बनने से एक ही छत के नीचे सभी सरकारी दफ्तर होंगे। इससे लोगों को काम करवाने की सुविधा मिलेगी और समय भी बर्बाद होने से बच जाएगा।
