
राजपुर (सिरमौर)। पांवटा थाना के गांव बांगरण में मर्डर कांड के आरोपियों का आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस टीम हत्यारे कि तलाश में डोर-टू-डोर पूछताछ में जुटी हुई है। मौके ए वारदात पर लोगों के सहयोग से सबूतों की खोज में लगी है।
जांच में जुटी स्थानीय पुलिस टीमें गांव में पड़ोस के लोगों से संपर्क कर रही हैं जिससे आपसी समन्वय बनाकर कातिल तक पहुंचने में आसानी हो सके। कत्ल को अंजाम देने वाली रात को मृतक का मोबाइल मौके पर न मिलना भी जांच को प्रभावित कर रहा है। हालांकि पुलिस के हाथ लगा बिना सिम का मोबाइल, बांस का डंडा तथा मोटर साइकिल का लोकल नंबर तथा पूछताछ में सहायक साबित हो रहा है। अब पुलिस मृतक के मोबाइल का डाटा एवं लोकेशन का पता लगा रही है। पुलिस टीमें हत्यारे को सलाखों के पीछे डालने के लिए पड़ोसी राज्यों उत्तराख्ंाड तथा हरियाणा में भेजी गई थीं। कुछ लोगाें को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की गई थी लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।
गौरतलब हो कि बीते 13 अक्तूबर रात को करीब 10 बजे बलवंत कुमार (35) पुत्र कांशीराम निवासी बांगरन वार्ड नंबर-दो ग्राम पंचायत फूलपुर मजदूरी करके घर लौट रहा था तो समीप की सिंचाई स्कीम बांगरन के निकट अचानक अज्ञात हमलावरों ने उसपर कातिलाना हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई।
उधर, इस बारे में पांवटा के डीएसपी नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि पुलिस दिन रात कातिल की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस पूरे पुख्ता सबूतों को जुटा कर जांच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही कातिल को पकड़ने में कामयाब होगी।
