देवताओं के पहुंचने से देवालयों में रौनक

कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की शोभा बढ़ाने आए जिला के 236 देवी देवता अपने देवालय लौट गए हैं। मंगलवार को करीब 200 देवी-देवता अपने-अपने देवालय में प्रवेश कर गए हैं। जिला के बाह्य सराज के एक दर्जन देवी-देवता एक-दो दिनों के अंदर अपने देवालय पहुंच जाएंगे। दशहरा से वापस अपने देवालय की ओर जाते देवताओं का जगह-जगह देव समाज से जुडे़ लोगों ने खास धूप बती और फूल मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। पिछले करीब डेढ़ सप्ताह से देवालय से बाहर रहे अपने अराध्य देव को देखकर ग्रामीणों की आखों में खुशी के आंसू निकल पड़े । देवता के अपने देवालय की चौकट पर पहुंचने पर ग्रामीण लोगों ने अपने कुलज का जोरदार स्वागत किया। कुल्लू, मनाली, नग्गर, मणिकर्ण, सैंज, दियार, लगघाटी, बंजार सहित सभी घाटी के देवी-देवता अपने मंदिर में देव परंपरा अनुसार विराजमान हो गए, लेकिन आऊटर सिराज आनी-निरमंड के देवता खुडीजल, टकरासी नाग, देवता चंभू सहित अन्य एक दर्जन देवी देवता एक-दो दिन में अपने देवालय पहुंचेंगे। कुल्लू के राज वंश की दादी देवी हिडिंबा मनाली स्थित अपने गांव ढुंगरी पहुंच गई है। अराध्य देव बिजली महादेव, बंजार घाटी के देवता बुंगडू महादेव, खोखन के आदि ब्रम्हा, देवता पुंडीर ऋषि, देवी माता बूढी नागिन घियागी, देवता वीरनाथ, पांचवीर सैंज सहित करीब 200 देवता अपने देवालय पहुंच गए। सोने-चांदी के साथ सजे देवरथ ग्रामीणों की कंधों पर सवार होकर रीति रिवाज के तहत अपने देवालय में प्रवेश कर गए। जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव टीसी मंहत ने बताया कि देवी और देवताओं की कृपा से दशहरा पर्व बेहतरीन तरीके से संपन्न हुआ। बंजार घाटी के सभी देवता अपने-अपने देवालय पहुंच गए है। खुडीजल के कारदार शेर सिंह दीपक ने बताया कि बाह्य सराज के सभी देवताओं ने 10281 फुट ऊंचे जलोडी दर्रा को पार कर लिया है। जल्द ही देवता देवविधि अनुसार अपने देवालय में विराजमान हो जाएंगे।

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