
नई दिल्ली प्रदेश भाजपा की राजनीतिक उठापठक ने संघ की चिंता भी बढ़ा दी है।
अप्रत्यक्ष तौर पर दिल्ली की राजनीति में उसने हस्तक्षेप किया है। संघ का साफ निर्देश है कि कार्यकर्ता इस बात की चिंता छोड़ दें कि दिल्ली का सीएम कौन बनेगा।
वे सौ प्रतिशत मतदान की तरफ ध्यान दें। उधर राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल और दिल्ली प्रदेश संगठन मंत्री विजय शर्मा भी कार्यकर्ताओं को चुनावी समर में कूदने का मंत्र पढ़ाने में जुटे हैं।
भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री का उम्मीदवार विजय गोयल होंगे या डॉ. हर्षवर्धन, इसे लेकर खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है।
इसके कारण कार्यकर्ता चुनाव प्रबंधन में कम और खेमेबाजी में ज्यादा हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि घर-घर चलो भाजपा अभियान भी परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
इस बीच संघ ने कहा है कि कार्यकर्ता राजनीति छोड़ चुनाव में विजय अभियान में जुटें।
संघ के इस हिदायत के बाद अब प्रदेश नेताओं ने सीएम मुद्दे पर चुप्पी साध ली है।
संघ के एक कार्यकर्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री का प्रत्याशी कौन होगा, यह भाजपा का विषय है। संघ ने संगठन के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने बूथ पर सक्रिय हो जाएं।
उनका मकसद सौ प्रतिशत मतदान कराना है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल और दिल्ली के संगठन मंत्री विजय शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनाव अभियान में जुटने का स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं।
