
दिल्ली चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बटन दबाने के बाद आपका वोट किसे गया, इसे लेकर उठे सवालों पर अब विराम लग जाएगा।
चुनाव आयोग दिल्ली विधानसभा चुनाव में ट्रायल के तौर पर पहली बार प्रिंटर से जुड़ी ईवीएम का इस्तेमाल करने जा रहा है।
वह भी मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की नई दिल्ली सीट पर।
दरअसल, बीते कुछ समय में ईवीएम से वोटिंग को लेकर सवाल खड़े हुए थे। आशंका जताई गई कि कोई भी बटन दबाने के बाद वोट एक ही जगह चला जाता है।
इसे लेकर मतदाताओं ने वोट डालने के बाद सबूत मांगा कि उन्होंने जिसे वोट दिया, उसे ही गया कि नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के बाद आयोग को यह सुविधा देने का निर्देश दिया था।
क्या है वीवीपीएटी
वोटर वेरिफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) यानी मशीन के साथ जुड़ा एक प्रिंटर पेपर वोट की सुविधा भी देगा।
अब तक ऐसी मशीनें उपलब्ध नहीं थी। अब ट्रायल के तौर पर आयोग एक विधानसभा से इस व्यवस्था को लागू करने जा रहा है।
वीवीपीएटी के होने से सबूत के तौर पर बटन दबाने के बाद एक स्लिप मिलेगी।
ऐसे करेगा काम
इस व्यवस्था में ईवीएम के साथ प्रिंटर को जोड़ा जाता है। आप जैसे ही ईवीएम में बटन दबाएंगे तो वोट की पर्ची प्रिंटर से निकल आएगी।
इस पर आपने जिसको वोट दिया होगा, उसकी सूचना दर्ज होगी। बाद में यह पर्ची मशीन से जुड़े एक बॉक्स में जमा हो जाएगी, यानी आप इसे देख पाएंगे, साथ नहीं ले जा सकते।
