
बागेश्वर। बोरगांव अमसरकोट क्षेत्र में तेंदुए का आतंक जारी है। वन विभाग अभी तक अलग-अलग स्थानों पर तीन पिंजरे लगा चुका है। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। इधर, ग्रामीण विभाग के रुख से संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग इस मामले में मात्र खानापूर्ति कर रहा है।
अमसरकोट में मादा तेंदुए को मारने के बाद वन विभाग ने समीपवर्ती गुफा और बोर गांव में दो पिंजरे लगाए हैं। रात के वक्त वहां निगरानी की जा रही है। शिकारी को भी तैनात किया गया है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों की मांग पर एक और पिंजरा अमसरकोट गांव के पास लगा दिया गया है। इधर, ग्रामीण वन विभाग की पूरी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग तेंदुए को मारना नहीं चाहता, इसी कारण अभी तक विभाग ने इसके आदेश नहीं दिए हैं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि पूर्व में बोरगांव की घटना के बाद ही मादा तेंदुए को मार दिया जाता तो अमसरकोट में बच्चे की जान नहीं जाती। अब नर तेंदुए की दहशत छाई है। ग्रामीणों के अनुसार इसी बीच वह एक बकरी और एक कुत्ते को निवाला बना चुका है। वह बेखौफ होकर बस्तियों में आ रहा है। वन विभाग के उच्चाधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
