
शिमला। भाजपा कार्यकाल में वन विभाग में हुए 32 अधिकारियों की पदोन्नति मामले में सरकार शीघ्र अधिकारियों को नोटिस जारी कर सकती है। नोटिस में उनकी पदोन्नति संबंधी कई अहम सवाल होंगे। इसके बाद की कमेटी प्रमोट अधिकारियों को डिमोट करने पर फैसला करेगी। सरकार ने वन विभाग से पूर्व भाजपा कार्यकाल में 32 अधिकारियों की सूची के अलावा उस दौरान खाली पदों का ब्योरा मांगा है। इसके साथ ही इन अधिकारियों के प्रमोशन के बाद निचले स्तर पर कितने अधिकारियों को प्रमोट किया गया, के संबंध में भी विभाग से जानकारी तलब की गई है। फिलहाल स्क्रीनिंग कमेटी आईएफएस अधिकारियों की डिमोशन मामले में चार अहम बिंदुओं पर विचार विमर्श कर रही है। इनमें काडर पोस्ट और एक्स काडर पोस्ट, रिजर्व पोस्ट के अंगेस्ट प्रमोशन करना जैसे कई अहम मुद्दों पर स्क्रीनिंग कमेटी उलझ कर रह गई है। ऐसे में अभी कमेटी को आईएफएस अधिकारियों को डिमोट करने के फैसले में और वक्त लग सकता है। पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगे हैं कि इन अधिकारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दी गई। जबकि इन अधिकारियों को प्रमोशन नहीं दी सकती थी। प्रिसिंपल सेक्रेटरी वन तरुण श्रीधर ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। सभी पहलुओं को जांचने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
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311 के तहत पक्ष रखने का मौका!
अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार इन अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के मौके देने पर भी विचार कर रही है। इन्हें धारा 311 के तहत यह मौका दिया जा सकता है। इससे साफ है कि सरकार किसी भी तरह से अधिकारियों पर बिना सुनवाई कार्रवाई नहीं करेगी, नोटिस जारी होने के बाद इन सभी को जवाब देने का समय दिया जाएगा।
