
कंडवाल (कांगड़ा)। नूरपुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी करने का मामला दर्ज किया है। ठगी का शिकार हुए युवक राहत पुत्र प्रदीप कुमार निवासी पदेहड़ ने कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया कि ठेहड़ (सुखार) निवासी जगदीप सिंह और अजय कुमार पुत्र बलवंत सिंह ने उसे आस्ट्रेलिया में 1500 डालर प्रतिमाह नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1 लाख 10 हजार रुपए ठगे हैं। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उसे 3 अक्तूबर 2012 को मुंबई जाने के लिए पठानकोट स्थित चक्की बैंक रेलवे स्टेशन बुलाया तथा जब वह रेलवे स्टेशन पहुंचा तो वहां 5 अन्य युवक भी मौजूद थे। जिन्हें आरोपियों ने विदेश भेजने का झांसा दिया था। आरोपी जगदीप सिंह ने उन्हें बताया कि मुंबई में उसका भाई अजय बांद्रा स्टेशन से उन्हें ले लेगा और आस्ट्रेलिया भेज देगा। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्हें 15 दिन तक मुंबई के एक निजी होटल में रखा गया। जिसका ठहरने और खाने का खर्चा भी शिकायतकर्ता ने अपनी जेब से दिया। इसी बीच आरोपी अजय ने उन्हें हेमंत पाटिल नामक के एक व्यक्ति से मिलाया तथा 20 अक्तूबर को उन्हें चेन्नई ले गए। उन्हें कुछ दिन चेन्नई रखा गया तथा 6 नवंबर को बताया गया कि उन्हें हवाई जहाज के माध्यम से पहले सिंगापुर और बाद में आस्ट्रेलिया ले जाया जाएगा। लेकिन, आरोपियों द्वारा उन्हें सिंगापुर की बजाय जकार्ता (इंडोनेशिया) पहुंचा दिया गया। जकार्ता पहुंचने पर इन्हें पता चला कि यह लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। वहीं, इंडोनेशिया में जब इमीग्रेशन अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों की जांच की तो उन्हें वापस चेन्नई भेज दिया गया। चेन्नई पहुंचकर पीड़ित युवक राहत ने अपने परिजनों से संपर्क साध कर घर वापस आने के लिए पैसे मंगवाए। इसी बीच आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया कि उसे जल्द आस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा, लेकिन न तो उसे आस्ट्रेलिया भेजा और न ही उसके पैसे वापस लौटाए गए। न्याय पाने के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। थकहार कर शिकायतकर्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट ने नूरपुर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के आदेश दिए। नूरपुर थाना के कार्यवाहक प्रभारी एसआई प्रताप सिंह अनुसार पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420 व 34 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
