
बागेश्वर। न्याय पंचायत अमसरकोट में इन दिनों तेंदुए का आतंक बना हुआ है। भयभीत ग्रामीण अपने नियमित कार्य नहीं कर पा रहे हैं। गांव में सोमवार की रात से लेकर मंगलवार सुबह 10.30 बजे तक कई बार तेंदुआ दिखाई दिया। गांव गरीब मंच के बैनर तले ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है।
मालूम हो कि गत बृहस्पतिवार की रात गुलदार ने बोरगांव में और शनिवार को अमसरकोट में दो बच्चों को मार डाला था। इसके बाद इसी रात शिकारी लखपत सिंह ने मादा गुलदार को ढेर कर दिया। इसके बावजूद गांव में एक और नर गुलदार ग्रामीणों को दिख रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की रात साढे सात बजे अमसरकोट में, आठ बजे जोलकांडे, तुसारीखाल गांव में तेंदुआ दहाड़ता सुनाई दिया। मंगलवार की सुबह 10 बजे ढुंगाधारा में तेंदुए की गर्जना ग्रामीणों ने सुनी। ग्रामीण बच्चों को स्कूलों में भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। उधर गांव गरीब मंच के बैनर तले ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने, एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में बिशन सिंह टंगड़िया, रमेश टंगड़िया, गांगा दत्त जोशी, गणेश राम, ललित कुंवर, ललित बिष्ट, शेर सिंह खेतवाल, दान सिंह, बिशन सिंह भंडारी आदि शामिल हैं। इधर प्रभागीय वनाधिकारी एसएन त्रिपाठी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में दो पिंजरे लगा दिए हैं। अल्मोड़ा से भी वन विभाग की टीम बुला दी है।
