
दूसरे राज्यों के सरकारी अस्पतालों से रेफर होकर नई दिल्ली के एम्स आने वाले मरीजों को न तो नंबर लगाने के लिए भटकना पड़ेगा और न ही इलाज के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे।
दरअसल एम्स प्रशासन रेफरल सिस्टम को मजबूत करने पर बल देगा। एम्स आने वाले इन मरीजों के लिए पहले से तारीख तय करने पर विचार किया जा रहा है।
शुरुआती दौर में यह व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के लिए होगी।
बाद में निजी अस्पताल के मरीजों के लिए भी सुविधा उपलब्ध होगी। तारीख मिलने पर मरीज को एम्स पहुंचना होगा। ऐसी व्यवस्था होने से कुछ हद तक मरीजों की परेशानी को दूर किया जा सकेगा।
एम्स के निदेशक डॉक्टर एमसी मिश्रा के अनुसार, मरीजों की भीड़ को देखते हुए रेफरल सिस्टम को मजबूत करना जरूरी है।
किसी सरकारी अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों को लगता है कि मरीज को एम्स भेजा जाना चाहिए।
ऐसी स्थिति में वहां के चिकित्सक एम्स के डॉक्टरों से बात करके इलाज की तारीख पहले तय कर सकेंगे।
इस संभावना पर विचार किया जा रहा है। दरअसल, कई राज्यों से प्रतिदिन हजारों मरीज एम्स पहुंचते हैं। बीमारी की जानकारी के अभाव में वह एक से दूसरे विभाग का चक्कर काटते रहते हैं।
ऐसी स्थिति में परिसर में प्रतिदिन करीब दस हजार मरीजों और तीमारदारों का जमावड़ा लगा रहता है। इस परेशानी से मरीजों और चिकित्सकों को बचाने के लिए एम्स रेफरल सिस्टम को मजबूत करने पर बल देगा
