कैसे खुलेगी मर्डर की कलई

अंब(ऊना)। पूरे क्षेत्र को दहला देने वाले गोली कांडों का अभी कोई खुलासा नहीं हो पाया है। आरोपियाें को दबोचना तो दूर की बात है, पुलिस अभी तक उनकी शिनाख्त तक नहीं कर पाई है। उधर पुलिस विभाग ने मामले की छानबीन के लिए एसआईटी तक का गठन कर डाला है लेकिन हैरत है कि एसआईटी भी अभी मात्र कागजों में ही उलझी हुई है। कांगड़ा के सिकरां दा परोह और ऊना के नलोह में हुए एक जैसे दो गोलीकांडों के बीच की कड़ी तक को पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ पाई है। न तो पुलिस को इस बात का ज्ञान है कि दोनों वारदातों में एक ही गिरोह का हाथ था या नहीं, न ही पुलिस दोनों वारदातों में प्रयोग किए गए हथियारों के संदर्भ में विस्तृत रिपोर्ट ही हासिल कर पाई है।
उधर एफएसएल लैब की रिपोर्ट ने भी कोई खास खुलासा नहीं किया है। रिपोर्ट के अनुसार गोली एक तरह के पिस्टल से चलाई गई बताई जा रही है लेकिन यह साफ नहीं है कि एक ही पिस्टल दोनों ही वारदाताें में इस्तेमाल किया गया है या अलग-अलग। वारदातों के बाद से क्षेत्र के हजारों लोगों मे दहशत का माहौल है लेकिन अभी तक पुलिस इस संदर्भ में कोई खुलासा करने में बेबस नजर आ रही है।
क्षेत्र वासियों में अमन कुमार, वीरेंद्र ठाकुर, रणजोध सिंह, कौशल, दीपक कुमार, स्वर्ण सिंह, सुरेंद्र कुमार, मक्खन सिंह, सोमेश कुमार का कहना है कि गोली कांड के बाद से यदि वह कहीं कारोबार के सिलसिले में भी जाना चाहते हैं तो परिवार के सदस्य उन्हें जाने से रोक लेते हैं। दहशत लोगों में बुरी तरह घर कर चुकी है। उधर डीएसपी अंब मदन कौशल का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। संदिग्ध लोगों की जानकारी जल्द और अवश्य पुलिस दें। जल्द ही गोली कांड के पीछे छिपे आरोपी सामने होंगे।

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