स्कूलों को दिए 11 लाख का कोई अता-पता नहीं

चंबा। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में टायलेट निर्माण के लिए डीआरडीए की ओर से जारी 10 लाख 99 हजार रुपये का कोई अता-पता नहीं है। यह राशि डीआरडीए ने लगभग सात साल पहले जारी की थी, लेकिन आज तक इसका युटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है। इसके चलते स्कूलों ने इस बजट को कहां खर्च किया, इसका न तो शिक्षा विभाग को पता है और न ही डीआरडीए को। डीआरडीए ने तीसा, भटियात, मैहला और चंबा खंड के स्कूलों को संपूर्ण स्वच्छता अभियान व निर्मल भारत अभियान के तहत यह राशि जारी की थी। जानकारी के मुताबिक डीआरडीए की ओर से 14 मार्च, 2006 को तीसा और भटियात शिक्षा खंड के 13 स्कूलों को लगभग आठ लाख 33 हजार रुपये की राशि टायलेट निर्माण के लिए जारी की थी। इसमें तीसा खंड के हाई स्कूल देवीकोठी को 60 हजार, सीनियर सेकेंडरी स्कूल कल्हेल को 20 हजार और सीनियर सेकेंडरी स्कूल तीसा को 77 हजार रुपये जारी किए। इसके अलावा भटियात खंड के हाई स्कूल चुहान के लिए 20 हजार, सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनीखेत को 77 हजार, बाथरी को 77 हजार, होबार को 77 हजार, मेल को 20 हजार, समोट को 77 हजार, सिहुंता के लिए 77 हजार, व 20 हजार और टुंडी के लिए 77 हजार रुपये की राशि जारी की गई। इसके बाद तीसा खंड के तीन व भटियात के दो स्कूलों के लिए एक 16 फरवरी, 2012 को एक लाख 54 हजार रुपये जारी किए थे। साथ ही शिक्षा खंड मैहला व चंबा के राजकीय हाई स्कूल गुराड़ के लिए 38 हजार 500, कं गेड़ के लिए 38 हजार 500, बेली के लिए 38 हजार 500, कीड़ी के लिए 38 हजार 500, लुड्डू के लिए 38 हजार 500, भड़ियांकोठी के लिए 38 हजार 500 और सीनियर सेकेंडरी स्कूल रंडोह के लिए 38 हजार 500 रुपये जारी किए, लेकिन अभी तक इनमें से अधिकांश स्कूलों ने देय राशि का युटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया है। इसके चलते डीआरडीए ने शिक्षा विभाग को एक पत्र लिखकर स्कूलों को देय राशि का ब्यौरा मांगा है। उच्च शिक्षा उप निदेशक विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि जिन स्कू लों ने टायलेट निर्माण के लिए जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है, उसके मुखिया जल्द शिक्षा विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करें। ऐसा न करने उनके खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।

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