अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव आज से

कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव सोमवार से शुरू हो रहा है। 14 से 20 अक्तूबर तक देव समागम के लिए जिले के 292 देवी देवताओं को न्योता दिया गया है। सोमवार को दशहरा का विधिवत शुभारंभ राज्यपाल उर्मिला सिंह करेंगी जबकि समापन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे।
भव्य देव मिलन का पारंपरिक आगाज सोमवार सुबह मेले में आए सभी देवी-देवता भगवान रघुनाथ के दरबार पर हाजिरी लगाकर करेंगे। इसके बाद भगवान रघुनाथ को कुल्लू का राज परिवार और अन्य कारकून विधि विधान से रघुनाथपुर से रथ मैदान लाएंगे। रथ मैदान में रघुनाथ के छड़ीबदार महेश्वर सिंह की अगुवाई में रथ यात्रा शुरू होगी और रथ के रस्सों को खींचने के लिए हजारों लोग उमड़ेंगे। इसके बाद रघुनाथ सात दिन तक ढालपुर मैदान में अपने अस्थायी शिविर में विराजमान रहेंगे। लंकादहन के दिन लंका बेकर में अष्टांग बलि के साथ दशहरा उत्सव संपन्न होगा।
दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने बताया कि ऐतिहासिक लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में 10 देशों के नर्तक दल अपनी प्रस्तुतियां पेश करेंगे। सोमवार को पहली सांस्कृतिक संध्या में कुल्लू के चयनित कलाकारों की ओर से नाटी एवं स्थानीय स्कूलों की प्रस्तुति के अलावा रूस और स्पेन के कलाकार धमाल मचाएंगे।

450 वर्ष पूर्व शुरू हुआ था दशहरा
कुल्लू। प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा उत्सव का इतिहास 450 वर्ष से अधिक पुराना है। इसका आयोजन सत्रहवीं सदी में कुल्लू के राजा जगत सिंह के शासनकाल में आरंभ हुआ था। रघुनाथजी के सम्मान में ही राजा जगत सिंह ने वर्ष 1660 में कुल्लू में दशहरे की परंपरा आरंभ की। तभी से भगवान रघुनाथ की अध्यक्षता में इस अंतरराष्ट्रीय पर्व को मनाया जाता है। कुल्लू के 365 देवी-देवता भगवान रघुनाथ जी को अपना ईष्ट मानते हैं।

200 किमी पैदल सफर कर पहुंचे हैं देवता
कुल्लू। 14 अक्तूबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के लिए करीब एक सप्ताह तक सैकड़ों किलोमीटर पदैल चलकर देवता रघुनाथ की नगरी पहुंचना शुरू हो गए हैं। आनी-निरंमड के अधिकतर देवी-देवता करीब दो सौ किलोमीटर का सफर तय कर देव समागम में पहुंचते हैं। जिला कारदार संघ के अध्यक्ष दोतराम ठाकुर ने बताया कि रविवार करीब साढ़े चार बजे तक कुल्लू में 15 देवी-देवता पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दशहरा उत्सव में 227 देवी-देवताओं ने भाग लिया था। इस साल दशहरा कमेटी की ओर से 293 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने कहा कि उत्सव में 220 से ज्यादा देवी-देवताओं के भाग लेने की उम्मीद हैं।

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