
कुल्लू। जिला में इस साल सेब की रिकार्ड पैदावार होने से देश भर के कारोबारी दशहरा पर्व की ओर खिंचे चले आए हैं। इस साल उत्सव में बीते साल की अपेक्षा 15 से 20 फीसदी तक अधिक व्यापारी ढालपुर पहुंचे हैं। इस बार दशहरा समिति ने प्लाट आवंटन से ही दो करोड़ रुपये रुपये जुटाए हैं। सात दिन तक चलने वाले दशहरा पर्व में अमूमन दो सौ करोड़ रुपये का कारोबार होता आया है, ऐसे में देश और प्रदेश से यहां अपने उत्पाद बेचने आए कारोबारियों को उनका कारोबार अधिक चमकने की उम्मीद है। कारोबार की दृष्टि से एशिया का सबसे बड़ा कारोबारिक पर्व होने से यहां देश भर से आए सैकड़ों व्यवसायियों ने डेरा डाल दिया है। जानकार बीते साल से अधिक पहुंचे व्यापारियों की वजह जिला में हुए फलों की रिकार्ड पैदावार को मान रह है। जिला में इस साल करीब एक करोड़ सेब पेटियों को उत्पादन हुआ है और अधिकतर बागवानों को इसका शानदार भाव मिला है। जिला में सेब के अलावा पलम, नाशपाती, अनार और लहसुन की भी अच्छी पैदावार हुई है, जिससे घाटी के लोगों की जेब आर्थिक रूप से भारी है। दशहरा पर्व में बढ़ी कारोबारियों की संख्या का अंदाजा दशहरा समिति की ओर से प्लाट आवंटन में अर्जित किए दो करोड़ रुपये से ही लगाया जा सकता है। दशहरा समिति ने इस साल भी प्लाट रेट को दस फीसदी बढ़ाया है, बावजूद इसके दशहरा की भागीदारी गत साल की अपेक्षा अधिक रही है। दशहरा समिति के अध्यक्ष उपायुक्त राकेश कंवर ने भी इस बार कारोबारी बढ़ने की पुष्टि की है। अपना उत्पाद बेचने आए दिल्ली के युसुफ किदवई और गुजरात के रहमान और राकेश पटेल का कहना है कि हिमाचल में इस साल सेब की अच्छी फसल हुई है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि उनका कारोबार भी अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि वे बीते दस सालों से दशहरा में भाग लेते आ रहे हैं। इस वर्ष घाटी में फलों का उत्पादन अच्छा होता है उनका कारोबार भी खूब चमकता है।
