मक्की के बाद की धान की फसल तबाह

दौलतपुर चौक (ऊना)। क्षेत्र के सलोह बैरी में ओलावृष्टि से तबाही का मंजर है। लगातार हो रही बारिश ने जहां मक्की की फसल को नुकसान पहुंचाया, वहीं ओलावृष्टि ने खेतों में कटाई को तैयार हुई धान की फसल को नष्ट कर दिया है। इससे किसानों को लाखों रुपये की चपत लगी है। किसानों को रोटी के लाले पड़ने की चिंता सता रही है। जिन किसानों ने फसल काटकर खेतों में रखी थी, वह भी खेतों में ही सड़ गई। जो धान की फसल खड़ी थी, उसे ओलावृष्टि ने तबाह कर दिया। ओलावृष्टि इतनी ज्यादा हुई है कि कई पेड़ों पर से पत्ते झड़ गए हैं। ग्राम पंचायत के उप प्रधान बलवीर सिंह ने बताया कि धान की फसल तबाह होने से किसानों की आंखें नम हैं। उनके खून पसीने की कमाई कुछ ही पलों में भारी ओलावृष्टि ने धूमिल कर दी। किसानों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। 24 घंटे बीतने के बाद भी प्रशासन का कोई भी अधिकारी किसानों का हाल जानने नहीं पहुंचा है।

किसानों को हुआ नुकसान
सलोह बैरी गांव में शुक्रवार को हुई ओलावृष्टि से दर्जनों किसनों को नुकसान पहुंचा है। सुरेंद्र पठानिया की 30 कनाल जमीन पर धान की फसल नष्ट होने से करीब 50 हजार, प्रकाश चंद को 16 कनाल जमीन पर 30 हजार, महेंद्र सिंह को 30 हजार, रामपाल को 70 हजार, सुरेंद्र सिंह को 20 हजार, प्रकाश चंद 15 हजार, तरसेम लाल को 30 हजार, बलवीर सिंह को 30 हजार, रोशन लाल को 30, गुरदेव सिंह को 20 हजार, कुलदीप सिंह को 10 हजार सहित अन्य दर्जनों किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

सुशील कालिया ने मांगा मुआवजा
भाजपा नेता सुशील कालिया ने सलोह बैरी गांव में नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि से सलोह बैरी में सैकड़ों कनाल भूमि पर धान की फसल तबाह हुई है। 24 घंटे बीतने पर भी प्रशासन का कोई अधिकारी न पहुंचना दुखद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाए। इस मौके पर उनके साथ तरसेम परमार, बलवीर पठानिया, राजीव, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

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